उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्राओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे प्रमुख रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना रही, जिसके तहत प्रदेश की मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल वाली स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और कॉलेज व विश्वविद्यालय तक उनकी पहुंच आसान बनाना है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रदेश के सभी प्रकार के कॉलेजों से उत्तीर्ण होने वाली टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि कई बार परिवहन सुविधा की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। स्कूटी मिलने से उन्हें नियमित रूप से शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी और उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी।
योगी सरकार ने इस योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। योजना के माध्यम से मेधावी और जरूरतमंद छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
कैबिनेट बैठक में प्रयागराज से सोनभद्र तक बनने वाले विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है। करीब 117 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के बनने से प्रयागराज की कनेक्टिविटी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बेहतर होगी। इस परियोजना से क्षेत्र में विकास, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का निर्माण ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल के तहत कराया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सरकार अपने विधायी कार्यों को पूरा करेगी और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।
बैठक में महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा, राज्यकर, परिवहन, स्टांप एवं पंजीकरण और सहकारिता विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया। संबंधित विभागों को इन निर्णयों को लागू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।