वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायु सेना के भव्य एरियल डिस्प्ले का आयोजन किया जाएगा। नमो घाट पर होने वाले इस कार्यक्रम को ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया है। भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला यह एयर शो आधुनिक विमानन तकनीक, सैन्य कौशल और काशी की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम होगा।गंगा नदी के ऊपर होने वाले इस प्रदर्शन में लड़ाकू विमानों की तेज उड़ान, हेलीकॉप्टरों के रोमांचक करतब और विमानों की सटीक फॉर्मेशन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
इस एयर शो में भारतीय वायु सेना की प्रमुख प्रदर्शन टीमों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम प्रमुख हैं। दोनों टीमें अपने अनुशासित उड़ान कौशल, बेहतरीन तालमेल और रोमांचक हवाई करतबों के लिए जानी जाती हैं। इनके प्रदर्शन के माध्यम से दर्शकों को भारतीय वायु सेना के पायलटों की दक्षता, प्रशिक्षण और विमानों के संचालन में सटीकता देखने का अवसर मिलेगा।
‘विंग्स ओवर गंगा’ कार्यक्रम में कई आधुनिक लड़ाकू और सैन्य परिवहन विमानों को शामिल किए जाने का उल्लेख है। इनमें तेजस, हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। इसके अलावा IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 जैसे परिवहन एवं सहायक विमानों के प्रदर्शन की भी जानकारी दी गई है। भारतीय नौसेना और थल सेना के विमानों की भागीदारी भी प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा बताई गई है। इन विमानों की मौजूदगी से विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

इस आयोजन की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ काशी की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान और भारत की आधुनिक रक्षा क्षमताओं को एक मंच पर लाने की अवधारणा पर आधारित है। नमो घाट और गंगा के मनमोहक परिवेश में होने वाला हवाई प्रदर्शन वाराणसी के लिए एक विशेष आकर्षण बन सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विमानों के करतब दिखाना नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की तकनीकी क्षमता, पेशेवर दक्षता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को आम लोगों तक पहुंचाना भी है।
एयर शो युवाओं को विमानन, एयरोस्पेस तकनीक और रक्षा सेवाओं के विभिन्न करियर विकल्पों से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा। विमानों के संचालन के पीछे पायलटों के साथ इंजीनियरों, तकनीशियनों और ग्राउंड सपोर्ट टीम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस तरह का आयोजन युवाओं को तकनीकी शिक्षा, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है। भारतीय वायु सेना के कामकाज और आधुनिक तकनीक को करीब से देखने का अवसर विद्यार्थियों और विमानन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खास महत्व रखेगा।
भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ है, जिसका भावार्थ है—गौरव के साथ आकाश को छूना। ‘विंग्स ओवर गंगा’ इसी भावना को प्रदर्शित करने वाला आयोजन होगा, जिसमें सैन्य कौशल, तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्र सेवा की भावना प्रमुखता से सामने आएगी। 25 अक्टूबर को नमो घाट पर प्रस्तावित यह एरियल डिस्प्ले काशी की सांस्कृतिक पहचान को भारतीय वायु सेना की आधुनिक उड़ान क्षमताओं के साथ जोड़ने का प्रयास है। हालांकि, कार्यक्रम में विमानों की वास्तविक भागीदारी और प्रदर्शन संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय वायु सेना की आधिकारिक घोषणा को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।