Loksabha Election 2024: आगामी आम चुनाव 2024 के तहत मछलीशहर सुरक्षित संसदीय सीट से बसपा ने रिटायर्ड IAS कृपा शंकर सरोज को उम्मीदवार के रूप में मैदान पर उतारा है। शंकर सरोज मछलीशहर के सोनइता गांव से ताल्लुख रखते हैं।
Loksabha Election 2024: आगामी आम चुनाव 2024 के तहत मछलीशहर सुरक्षित संसदीय सीट से बसपा ने रिटायर्ड IAS कृपा शंकर सरोज को उम्मीदवार के रूप में मैदान पर उतारा है। शंकर सरोज मछलीशहर के सोनइता गांव से ताल्लुख रखते हैं।
BSP Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव के पहले चरण के लिए 2 ही दिन शेष रह गए हैं ऐसे में राजनीतिक वाद प्रतिवाद भी जोरों पर है। ऐसे में BSP भी अपने प्रत्याशियों को बड़े ही रेकी के बाद राजनीतिक मैदान में उतार रही है।
Loksabha Election 2024: बहुजन समाज पार्टी की सु्प्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने पार्टी के आगामी रणनीती को लेकर एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि आगे आने वाला वक्त बहुजन समाज पार्टी का होने वाला है जिसके लिए पार्टी के अंदर कई परिवर्तन किया जा रहा है।
Lok Sabha Election 2024 : पश्चिमी उप्र की अमरोहा, नगीना, बिजनौर जैसी कई सीटों पर दलित मतदाता निर्णायक स्थिति में है। 2019 के चुनाव में बीजेपी से 17 आरक्षित सीटों में से 15 पर जीत हासिल की थी। उप्र में करीब 21 फीसदी अनुसूचित जाति के मतदाता है। यही वजह है कि बीजेपी, BSP और इंडिया गठबंधन उनको अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही हैं.
ऐसे में जब कि उत्तर -प्रदेश के साथ देश की प्रमुख पार्टी रही बहुजन समाजवादी पार्टी आज एक ऐसा दल है जो 2014 के बाद से लोकसभा और राज्य चुनावों में बार-बार हार के बावजूद और बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं के दूसरे दलों में पलायन के बावजूद एक ऐसी पार्टी रह गयी है कि जो यह बात कहने से गुरेज नहीं करती कि उसके पास वोटर्स का एक बड़ा
आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के महामुकाबले पर नजर रख रहे राजनीतिक पण्डितों के लिए प्रदेश के विभिन्न दलों के नेताओं की चुनावी तिकड़म को समझना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर करीब -करीब हाशिये पर आ चुकी बहुजन समाजवादी पार्टी के लिए अपने नेताओं का मोहभंग तो हो ही रहा है साथ ही होने व दूसरे दलों का दामन थामने से पार्टी
सीएम योगी ने कार्यक्रम में कहा कि देश के लिए यूपी का आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में हमने घर-घर शौचालय बनाने लक्ष्य पाया।
यूपी की जिला सहकारी बैंक के सभापति पद की 39 में से 38 सीटें बीजेपी के खाते में आईं हैं। खास बात यह है कि सपा, बसपा और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक के उपसभापति पद की 33 में से 32 सीटें भी बीजेपी ने जीत दर्ज की है।