प्रदेश सरकार लगातार दावे करती है कि ज्यादा से ज्यादा कार्य मनरेगा से कराएं जाए लेकिन ग्राम प्रधान ररुआ की मनमानी के चलते मजदूरों की बजाए जेसीबी से खुदाई का काम कराया जा रहा है और मनरेगा के नाम पर पैसा निकाला जा रहा है।
प्रदेश सरकार लगातार दावे करती है कि ज्यादा से ज्यादा कार्य मनरेगा से कराएं जाए लेकिन ग्राम प्रधान ररुआ की मनमानी के चलते मजदूरों की बजाए जेसीबी से खुदाई का काम कराया जा रहा है और मनरेगा के नाम पर पैसा निकाला जा रहा है।
झोलाछाप डॉक्टर की करतूतों की जानकारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर के स्टेशन रोड पर इसका अस्पताल है
उस घटना से भी स्वास्थ्य विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। घटना के बाद बच्ची के पिता ने कहा कि बच्ची घर पर खेल रही, इको कार से एक्सीडेंट हुआ।