बलिया जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 01 से 30 सितंबर तक जिले में “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” अभियान चलेगा। संवेदनशील स्थलों पर हाई जूम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सभी सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाकर ही कार्यालय आएंगे।
बलिया जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी हाई जूम कैमरे लगाए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
उन्होंने कहा कि 01 सितंबर से 30 सितंबर तक जिले में विशेष “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय आते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग करें। इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी को बिना हेलमेट कार्यालय आते पाया गया, तो संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय होगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनना स्वयं की सुरक्षा के साथ परिवार की भी सुरक्षा है। उन्होंने सभी से अपील की कि नियमों का पालन करें और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहयोग करें।