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श्रावस्ती एयरपोर्ट निर्माण में धांधली का आरोप, प्रतीक भूषण सिंह ने CM योगी को लिखा पत्र

गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने श्रावस्ती एयरपोर्ट के निर्माण और नवीनीकरण कार्यों में वित्तीय व तकनीकी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। CM योगी से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

By: BS Yadav  RNI News Network
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श्रावस्ती एयरपोर्ट निर्माण में धांधली का आरोप, प्रतीक भूषण सिंह ने CM योगी को लिखा पत्र

गोंडा/श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने श्रावस्ती हवाई अड्डे के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों में कथित वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विधायक ने अपने पत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की की थर्ड-पार्टी स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट और अपने प्रतिनिधि के स्थलीय निरीक्षण का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, एयरपोर्ट परिसर में जल निकासी, भवनों की गुणवत्ता, बाउंड्री वॉल और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।

जल निकासी से लेकर भवनों की गुणवत्ता तक पर सवाल

प्रतीक भूषण सिंह के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर में ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। उनका दावा है कि नालियों की दीवारें झुकने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। परिसर में गंदा पानी जमा होने और ऊंची घास उगने की भी बात कही गई है।विधायक ने भवनों में सीलन, दरारें, उखड़ते प्लास्टर और कंक्रीट से बाहर निकले सरियों का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने इन खामियों को निर्माण की गुणवत्ता और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

IIT रुड़की की ऑडिट रिपोर्ट का दिया हवाला

विधायक ने अपने पत्र में 17 दिसंबर 2025 की IIT रुड़की की थर्ड-पार्टी स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, रिपोर्ट में वर्ष 2019 में निर्मित अग्निशमन केंद्र और विद्युत उपकेंद्र सहित अन्य भवनों में तकनीकी खामियों की बात सामने आई है। पत्र के मुताबिक, अग्निशमन केंद्र के कॉलम में कंक्रीट कवर निर्धारित 40 मिलीमीटर के बजाय 10 से 15 मिलीमीटर पाया गया। कार्बोनेशन के सरिये तक पहुंचने और उनमें जंग लगने, स्लैब की गुणवत्ता तथा टर्मिनल और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) भवन में कंक्रीट की खामियों और पानी के रिसाव पर भी सवाल उठाए गए हैं।विधायक ने यह भी कहा है कि ऑडिट के दौरान स्वीकृत स्ट्रक्चरल ड्राइंग, डिजाइन बेसिस रिपोर्ट और गणना से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है।

बाउंड्री वॉल और रनवे की सुरक्षा पर चिंता

प्रतीक भूषण सिंह ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में हुए कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनके पत्र के अनुसार, एयरपोर्ट की करीब पांच किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल के नीचे से नीलगाय, गाय और सियार जैसे जानवर रनवे क्षेत्र में पहुंच सकते हैं। इससे विमान संचालन की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।विधायक ने हाल ही में बने वॉच टावर के तेज आंधी में क्षतिग्रस्त होने और टर्मिनल भवन के कई कमरों की छतों से पानी टपकने का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, संचार और निगरानी से जुड़े संवेदनशील कक्षों में ऐसी समस्याएं महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।

CM योगी से क्या हैं विधायक की प्रमुख मांगें?

​विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने किसी भी संभावित विमान दुर्घटना से पहले कठोर कदम उठाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्रवाई का आग्रह किया है। ​कि नागरिक उड्डयन विभाग से इतर अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र तकनीकी-सह-प्रशासनिक समिति बने,जिसमें स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता और वित्त अधिकारी शामिल हों। समिति 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपे। सभी मूल अभिलेखों को तत्काल सुरक्षित किया जाए।मरम्मत से पहले स्थलीय साक्ष्यों का दस्तावेजीकरण हो और कार्यदायी संस्था के अवशेष भुगतान व सिक्योरिटी मनी पर तत्काल रोक लगे। प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर पूरे मामले को विजिलेंस जांच के लिए संदर्भित किया जाए। दोषी अधिकारियों व अभियंताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो तथा दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर वित्तीय क्षति की वसूली की जाए। ​विमान सुरक्षा के मद्देनजर बाउंड्री वॉल, ड्रेनेज सिस्टम और संवेदनशील कक्षों की कमियों को ठेकेदार के खर्च पर प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए। विधायक ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के लिए नजीर बनेगी और यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि जनता के पैसे से बनने वाले सार्वजनिक ढांचे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी

श्रावस्ती हवाई अड्डा बौद्ध तीर्थस्थल और नेपाल सीमा के निकट स्थित होने के कारण पर्यटन तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता और विमानन सुरक्षा से जुड़े सवालों पर संबंधित विभागों का पक्ष और तकनीकी जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।फिलहाल, विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों और पत्र में उल्लिखित खामियों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

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