अमेठी। जनपद में ‘एक परिवार, एक पहचान’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में फैमिली आईडी बनाने, पहले से जारी आईडी को अपडेट करने और परिवार के सभी सदस्यों का विवरण दर्ज करने की प्रगति पर चर्चा की गई। डीएम ने अधिकारियों को अभियान चलाकर इस कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे सभी पात्र परिवारों की फैमिली आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाई जाए। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार को एक अलग और विशिष्ट पहचान उपलब्ध कराना है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।
डीएम ने कहा कि पूर्व में जिन परिवारों की सिंगल फैमिली आईडी बनाई गई है, उन्हें अधूरा न छोड़ा जाए। ऐसी आईडी में परिवार के अन्य सदस्यों का विवरण जोड़कर उसे पूर्ण फैमिली आईडी के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी में परिवार के प्रत्येक सदस्य की जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया। इसमें 0 से 5 वर्ष तक के छोटे बच्चों, वयस्कों और नौकरी करने वाले सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी पात्र सदस्य का विवरण छूटने न पाए और सभी जानकारियों को सही तरीके से अपडेट किया जाए।
बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर फैमिली आईडी निर्माण एवं संशोधन का कार्य तेजी से पूरा करें। डीएम ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करना और उन्हें सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्यवाही पूरी करें।