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Lucknow: प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति जरूरी – CM योगी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में प्रमाणित बीज की किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। संकर बीजों में बाहरी निर्भरता समाप्त कर उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाए।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Lucknow: प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति जरूरी – CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की वास्तविक शक्ति अच्छे, भरोसेमंद और प्रमाणित बीजों में निहित है। प्रदेश के लिए एक नई और आधुनिक बीज नीति समय की आवश्यकता है, ताकि घटती भूमि जोत के बावजूद प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में वृद्धि की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि उच्च उपज, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसी नीति तैयार की जाए, जो भविष्य की कृषि चुनौतियों का समाधान कर सके।

प्रमाणित बीज की उपलब्धता और आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में प्रमाणित बीज की किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। संकर बीजों में बाहरी निर्भरता समाप्त कर उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाए। बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण की पूरी श्रृंखला में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध होंगे।

हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य

भरोसेमंद बीज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी और अमानक बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों तक पहुंचने वाला प्रत्येक बीज पैकेट प्रमाणित, परीक्षणित और मानकों के अनुरूप होना चाहिए।

बीज अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर, उपकार और निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाने का निर्देश दिया, ताकि बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म-रिलीज़ की प्रक्रिया को तेज किया जा सके। इससे वैज्ञानिक शोध और खेत-स्तरीय जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।

सीड पार्क और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की योजना

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, बाजरा, ज्वार और बागवानी फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों हेतु विशेष रणनीति बनाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में प्रदेश में कम से कम पांच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने के निर्देश दिए। ये पार्क उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की सभी सुविधाओं से युक्त होंगे। इसके साथ ही, सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास कार्यक्रमों से जोड़ने और प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के निर्देश दिए गए।

प्रगतिशील किसानों की भागीदारी बढ़े

मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया। इससे स्थानीय अनुभव और आधुनिक तकनीक का बेहतर समन्वय होगा और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी।

सौर ऊर्जीकरण से घटेगा सिंचाई खर्च

कृषि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने ट्यूबवेलों के सौर ऊर्जीकरण को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सोलर पैनल निर्माताओं को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसानों का सिंचाई खर्च कम होगा और स्थानीय रोजगार व निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन कदमों से उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था अधिक मजबूत, आत्मनिर्भर और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होगी।

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