उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा है कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि प्रदेश की भावी पीढ़ियों की मजबूत बुनियाद हैं। राज्य सरकार आंगनबाड़ी ढांचे को पूरी तरह रूपांतरित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिससे ‘स्वस्थ बचपन, समर्थ उत्तर प्रदेश’ मिशन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह बातें अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कहीं, जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्रों की वर्तमान स्थिति और भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चे आते हैं और ये केन्द्र प्री-प्राइमरी शिक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए बच्चों की सुविधा, गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन और आकर्षक व सुरक्षित भवन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केन्द्र अभी अपने स्वयं के भवनों में संचालित नहीं हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों के निर्माण में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) का सहयोग लिया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी भवनों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि एक मानक मॉडल तैयार कर उसकी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए, ताकि निर्माण कार्य तेज, किफायती और गुणवत्ता-युक्त हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ भी संभव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए। इससे शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी और बच्चों व अभिभावकों को सुविधा मिलेगी।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित नए आंगनबाड़ी भवन आधुनिक और समावेशी सुविधाओं से युक्त होंगे। इनमें- सुरक्षित पेयजल व विद्युत व्यवस्था, बाल-मित्र शौचालय और लो-हाइट वॉश यूनिट, खेल-आधारित गतिविधियों के लिए पर्याप्त प्ले एरिया, किचन शेड और हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आंगनबाड़ी ढांचे का यह व्यापक रूपांतरण प्रदेश में स्वस्थ बचपन और सशक्त भविष्य की नींव मजबूत करेगा।