1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षोत्सव में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को शोध और नवाचार के लिए किया प्रेरित

लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षोत्सव में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को शोध और नवाचार के लिए किया प्रेरित

लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के सातवें दीक्षोत्सव में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और AI के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बाल संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और वंचित बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। परियोजना प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने युवाओं से वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने में योगदान देने की अपील की।

By: Nivedita  RNI News Network
Updated:
लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षोत्सव में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को शोध और नवाचार के लिए किया प्रेरित

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महर्षि यूनिवर्सिटी, लखनऊ के सातवें दीक्षोत्सव को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि और पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने युवाओं से अपनी प्रतिभा पहचानने, नए विचारों पर काम करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करने की अपील की।

AI पर निर्भरता के बजाय अपनी बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता बढ़ाएं

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को शोध, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करते समय अपनी बुद्धिमत्ता, विवेक और रचनात्मक सोच को प्राथमिकता देनी चाहिए। विद्यार्थियों को निरंतर सीखते हुए अपने कौशल का विकास करना चाहिए और ज्ञान का इस्तेमाल समाजहित में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयासों से देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

 

लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षोत्सव में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को शोध और नवाचार के लिए किया प्रेरित

माता-पिता का सम्मान और सेवा भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परवरिश के लिए जीवनभर मेहनत करते हैं। ऐसे में बच्चों को भी उनके सम्मान, सेवा और देखभाल की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने परिवार में आपसी सहयोग, सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार विकसित करना भी है।

महिला सशक्तीकरण और बाल संरक्षण पर दिया जोर

अपने पूर्व अनुभवों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें संपत्ति एवं आवास संबंधी सुविधाओं से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बेटियों के सम्मान, बाल सुरक्षा और बच्चों को शोषण से बचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि जरूरतमंद और वंचित बच्चों को शिक्षा, संरक्षण तथा बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से गलत गतिविधियों से दूर रहने और सही मार्ग पर चलने की अपील की।

 

लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षोत्सव में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को शोध और नवाचार के लिए किया प्रेरित

वंचित बच्चों की शिक्षा और पोषण के लिए जनसहयोग की सराहना

आनंदीबेन पटेल ने आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण सुविधाएं बढ़ाने और जरूरतमंद बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए जनसहयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले छह वर्षों में जनसहयोग से प्रदेश के लगभग 75 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए हैं, जिन पर करीब 180 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने महर्षि यूनिवर्सिटी की ओर से जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को 400 टी-शर्ट उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, योग और रचनात्मक गतिविधियों के अवसर भी मिलने चाहिए।

 

 

उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों की उपलब्धियों का किया उल्लेख

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के 19 राज्य विश्वविद्यालयों ने नैक मूल्यांकन में ए-प्लस और ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त किए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा को अधिक प्रभावी, रोजगारोन्मुख और शोध आधारित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों द्वारा पांच-पांच गांव गोद लेकर शिक्षा, स्वच्छता और पोषण से जुड़े कार्य करने की पहल का भी उल्लेख किया।

विद्यार्थियों की परियोजना प्रदर्शनी का किया अवलोकन

दीक्षोत्सव के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में आयोजित विद्यार्थी परियोजना प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग, डिजिटल संचार, हार्डवेयर, एनिमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैदिक विज्ञान और उद्यमिता से जुड़ी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। प्रदर्शनी में ‘महर्षि कनेक्ट’, ‘सुरक्षा नेर’, ‘विजिटब्रिज’ और शैक्षिक रोबोट ‘ऋषि’ जैसी परियोजनाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके नवाचारों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें अपने शोध को समाज के लिए उपयोगी बनाने के सुझाव दिए।

वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाओं की अहम भूमिका

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल देश की जरूरतों के अनुरूप शोध करने तथा विकास की नई संभावनाएं तलाशने में करने का आह्वान किया। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान, प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों में शोध के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि युवाओं को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा, नवाचार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से ही विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...