लखनऊ: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जन भवन, लखनऊ के गांधी सभागार में वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जन भवन के सुरक्षा कर्मियों ने देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक नृत्य और कारगिल युद्ध पर आधारित नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत देशभक्ति गीत “सीमा पर हुआ शहीद, हुआ मेरे जिगर का टुकड़ा” की रचना जन भवन में कार्यरत आरआई निरीक्षक कुलदीप सिंह ने की, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया।

नाटक में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कैप्टन सौरभ कालिया, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पांडे और सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव के अद्वितीय साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का सजीव मंचन किया गया। प्रस्तुति में विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों के शौर्य और मातृभूमि के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी होना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी कारगिल के वीर सैनिकों के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा ले सके। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय आसान नहीं थी, बल्कि हमारे जवानों ने कठिन परिस्थितियों में सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस का परिचय देकर देश को विजय दिलाई।
राज्यपाल ने कहा कि भारत आज रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज को सकारात्मक दिशा देने में अपनी भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देश युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियों से गुजर रहे हैं, जबकि भारत भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और संवाद के मार्ग पर चलने वाला देश है। भारत हमेशा विश्व शांति और सद्भाव का समर्थक रहा है।
इस अवसर पर आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों के नामांकन और शिक्षा के लिए घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने वाले सुरक्षा कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य तथा राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।