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नोएडा में WhatsApp के जरिए गांजे की तस्करी का खुलासा, 12.2 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने WhatsApp के जरिए गांजे की तस्करी करने वाले कथित गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 12.2 किलो गांजा, बाइक, मोबाइल फोन और 42 प्रिंटेड पैकेट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली-एनसीआर के युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से नशे की सप्लाई करते थे।

By: Nivedita  RNI News Network
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नोएडा में WhatsApp के जरिए गांजे की तस्करी का खुलासा, 12.2 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

गौतमबुद्धनगर।  नोएडा में सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर नशे का कारोबार चलाने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-58 पुलिस ने WhatsApp के जरिए गांजे की सप्लाई करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 12 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और गांजे की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले 42 प्रिंटेड पैकेट बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले युवाओं को निशाना बनाकर ऑनलाइन माध्यम से गांजे की आपूर्ति करते थे। इस कार्रवाई के बाद पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नशे की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

सेक्टर-57 में पहली गिरफ्तारी, बैग से मिला गांजा

पुलिस ने 4 नवंबर 2026 को स्थानीय खुफिया सूचना और बीट पुलिसिंग की मदद से मेडिसन कट, सेक्टर-57 नोएडा के पास कार्रवाई की। इस दौरान सुमित राघव नाम के आरोपी को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके बैग से ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के नाम वाले छोटे-छोटे पैकेट मिले। जांच में इन पैकेटों के अंदर कुल 1 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान सुमित ने पुलिस को बताया कि उसे गांजे की आपूर्ति मनीष कुमार झा करता था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए दूसरे आरोपी की तलाश शुरू की।

WhatsApp के जरिए युवाओं तक पहुंचाया जाता था गांजा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गांजे की बिक्री के लिए WhatsApp का इस्तेमाल किया था। दिल्ली-एनसीआर के फ्लैट, पीजी, हॉस्टल और कॉलेजों में रहने वाले युवाओं को इस नेटवर्क के जरिए गांजा उपलब्ध कराया जाता था। जांच में सामने आया कि ग्राहक WhatsApp के माध्यम से अपनी लोकेशन भेजते थे। इसके आधार पर कथित तौर पर डिलीवरी की व्यवस्था की जाती थी। गांजे की कीमत ऑनलाइन माध्यम से सप्लायर तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस का दावा है कि इस तरीके से आरोपी नशे की आपूर्ति का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

टेक्निकल इंजीनियर बताया जा रहा दूसरा आरोपी

पहले आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कथित सप्लायर मनीष कुमार झा को ईएसआई कॉलोनी, सेक्टर-56 नोएडा के पास से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 10 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, मनीष पेशे से टेक्निकल इंजीनियर है। शुरुआती जांच में उसकी भूमिका गांजे की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है।

दोनों आरोपियों की पहचान और बरामदगी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई है:

सुमित राघव (36 वर्ष): मूल निवासी संभल, वर्तमान पता खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद।
मनीष कुमार झा (33 वर्ष): मूल निवासी समस्तीपुर, बिहार, वर्तमान पता खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद।

 

 

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • 12 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा
  • एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
  • दो मोबाइल फोन
  • 42 प्रिंटेड पैकेट

असम की जेल में बंद है गिरोह का एक अन्य साथी

पुलिस की पूछताछ में एक अन्य व्यक्ति अमित का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वह पहले से ही गांजा तस्करी के एक मामले में असम के गुवाहाटी की जेल में बंद है। अब पुलिस इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों, गांजे की आपूर्ति के स्रोत और पूरे कारोबार से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही है।

NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी

इस मामले में थाना सेक्टर-58 में मुकदमा संख्या 38526 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में ऑनलाइन माध्यमों के जरिए संचालित कथित नशा सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

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