गाजीपुर। दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज के रूप में चर्चित गंगा विलास क्रूज विदेशी पर्यटकों को लेकर गाजीपुर पहुंचा। क्रूज पर सवार स्विट्जरलैंड के 15 पर्यटक गंगा के रास्ते भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से देखने निकले हैं। रविवार को गंगा किनारे राजगंज के पास क्रूज का ठहराव हुआ। एक रात रुकने के बाद सोमवार सुबह पर्यटक वाराणसी के लिए रवाना हो गए।
जानकारी के अनुसार, भारत में निर्मित गंगा विलास क्रूज पर सवार विदेशी पर्यटकों ने 12 अक्टूबर को कोलकाता से यात्रा शुरू की थी। गंगा के रास्ते आगे बढ़ते हुए क्रूज गाजीपुर पहुंचा। इस यात्रा के दौरान पर्यटकों को नदी किनारे बसे शहरों, स्थानीय जीवनशैली, संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिल रहा है।
रविवार को गंगा विलास क्रूज गाजीपुर के राजगंज के पास नदी किनारे ठहरा। इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने गंगा के किनारे सैर कर आसपास के वातावरण को करीब से देखा। क्रूज के साथ चल रहे गाइड भट्टाचार्य के अनुसार, पर्यटक भारत की सांस्कृतिक विरासत को जानने और यहां के ऐतिहासिक महत्व को समझने के उद्देश्य से यह यात्रा कर रहे हैं।

गाजीपुर में रात्रि विश्राम के बाद पर्यटकों का दल सोमवार सुबह वाराणसी की ओर रवाना हुआ। वाराणसी पहुंचने पर क्रूज के रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल पर ठहरने की संभावना जताई गई है। इसके बाद पर्यटकों के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने का कार्यक्रम भी बताया गया है।
गंगा विलास क्रूज की यात्रा भारतीय नदियों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों से जोड़ने का माध्यम बन रही है। गाजीपुर में इसका ठहराव स्थानीय लोगों के लिए भी आकर्षण का विषय रहा। गंगा के रास्ते होने वाली ऐसी यात्राओं से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और नदी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।