लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते विस्तार को प्रदेश की बदलती अर्थव्यवस्था का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ तकनीक का बड़ा बाजार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सीएम योगी के मुताबिक पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। देश में बनने वाले मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के Make in India, Digital India और आत्मनिर्भर भारत के विजन को राज्य सरकार ने निवेश, नीतियों और औद्योगिक उत्पादन से जोड़ने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने जेवर में प्रस्तावित HCL-Foxconn चिप निर्माण इकाई को प्रदेश के तकनीकी विकास की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य में डेटा सेंटर से जुड़ी परियोजनाओं के प्रस्ताव भी सामने आए हैं। सरकार का फोकस इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के साथ डेटा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है।
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में स्टार्टअप और यूनिकॉर्न विकसित हो चुके हैं। सरकार का दावा है कि यह इकोसिस्टम युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उन्हें नए व्यवसाय शुरू करने और दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने के अवसर भी दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उत्तर प्रदेश अब डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। डेटा सेंटर के बाद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक और AI City जैसी अवधारणाओं पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के तकनीकी बदलाव की अगली कड़ी बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश मोबाइल निर्माण से आगे बढ़कर मॉड्यूल और माइक्रोचिप जैसी तकनीकों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
AI-PRAGYA कार्यक्रम के जरिए 10 लाख युवाओं को नई और उभरती तकनीकों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का जोर युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर है, ताकि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिल सकें।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कई घोषणाएं तो हुईं, लेकिन औद्योगिक और विकास परियोजनाओं को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। सीएम योगी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने विकास की प्राथमिकताओं को बदलते हुए निवेश, तकनीक और उद्योग के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में HCL Tech की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इसी दौरान HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, निवेश, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट के जरिए उत्तर प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
सीएम योगी ने टेक्नोलॉजी के इस विस्तार को सिर्फ औद्योगिक बदलाव नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक समृद्धि से जुड़ा परिवर्तन बताया। उनके अनुसार विधानसभा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक उत्तर प्रदेश की यात्रा नए अवसरों और नई संभावनाओं वाले प्रदेश की तस्वीर पेश कर रही है।