वाराणसी। धर्मनगरी काशी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर पर लगी सोने की प्लेटों को लेकर शिकायत सामने आई है। अधिवक्ता नित्यानंद राय ने शिखर के कुछ हिस्सों में स्वर्ण प्लेटें गायब होने और कई स्थानों पर क्षति दिखाई देने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र भेजा था। शिकायत के बाद मामले में PMO के संज्ञान लेने की जानकारी सामने आई है। वहीं, जिला प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से शिखर की स्थिति का संरक्षण करते हुए मरम्मत कराने की प्रक्रिया पर काम किए जाने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता नित्यानंद राय के अनुसार, वह नियमित रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाते हैं। इसी दौरान उत्तर दिशा से शिखर को देखते हुए उनकी नजर एक ऐसे हिस्से पर पड़ी, जहां उन्हें स्वर्ण प्लेट दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि पहले रात के समय उन्हें स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन दिन में दोबारा देखने पर करीब दो से तीन फीट के हिस्से में प्लेट नहीं दिखी। नित्यानंद राय ने 23 सितंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी और मंदिर के स्वर्ण शिखर की स्थिति की जांच कराने की मांग की।
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में दावा किया कि शिखर के अन्य हिस्सों में भी स्वर्ण प्लेटें टूटी हुई दिखाई दीं। उन्होंने उत्तर दिशा में एक अन्य स्थान पर भी सोने की परत नहीं दिखने की बात कही। उनके मुताबिक, शिखर पर लगी प्लेटों के जोड़ के आसपास कुछ स्थानों पर कटाव जैसे निशान नजर आ रहे हैं। हालांकि, सोना चोरी होने या प्लेटों के गायब होने के संबंध में अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक तकनीकी जांच और तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
जिला प्रशासन के अनुसार, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह से लेकर परिसर के विभिन्न हिस्सों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों से प्राप्त तस्वीरों को भी संरक्षित किया जाता है। प्रशासन का कहना है कि मंदिर परिसर की निगरानी व्यवस्था मौजूद है और स्वर्ण शिखर की सुरक्षा तथा उसके संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मामले को देखा जा रहा है।

मंदिर न्यास की ओर से स्वर्ण शिखर की मरम्मत को लेकर IIT मद्रास के विशेषज्ञों से संपर्क किए जाने की जानकारी दी गई है। मरम्मत के दौरान शिखर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखना प्राथमिकता होगी। साथ ही, यह भी जरूरी है कि किसी प्रकार की छेड़छाड़ से बचते हुए तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर काम किया जाए।
नित्यानंद राय ने इस मामले में जनसुनवाई से जुड़े IGRS पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि शिकायत के जवाब में मंदिर परिसर में CCTV व्यवस्था होने और स्वर्ण शिखर के साथ छेड़छाड़ की संभावना न होने की बात कही गई। हालांकि, शिकायतकर्ता का जोर इस बात पर है कि शिखर पर दिखाई देने वाली क्षति की वास्तविक स्थिति की जांच होनी चाहिए और यदि कोई स्वर्ण प्लेट टूटी हुई या अलग हुई है, तो उसे सुरक्षित रखकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में स्वर्ण शिखर से जुड़ी शिकायत ने उसके संरक्षण और रखरखाव को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। फिलहाल, प्लेटों के गायब होने के दावे और उनकी वास्तविक स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जांच से ही हो सकेगी। मंदिर न्यास और प्रशासन की ओर से प्रस्तावित तकनीकी निरीक्षण तथा मरम्मत की प्रक्रिया इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।