Uttar Pradesh News: सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जन भवन (Jan Bhavan) में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राज्यपाल ने जन भवन के मुख्य लॉन में स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। इसके बाद उन्होंने ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता दौड़) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जानकारी के बता दें एकता दौड़ में जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, लखनऊ के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्कूली बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भारत माता की जय (Bharat Mata ki Jai) और वंदे मातरम् (Vande Mataram) के नारों के बीच रैली जन भवन के गेट नंबर-2 से शुरू हुई। यह डीएसओ चौराहा, हजरतगंज स्थित अटल चौक, लालबाग, जय हिंद चौराहा, नूरमंजिल अस्पताल चौराहा और रॉयल होटल चौराहे सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जन भवन के गेट नंबर-8 से परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई।
बता दें रैली को रवाना करने से पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। जिसमें उन्होंने कहा कि खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, किसानों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष और नेतृत्व से प्रभावित होकर उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि दी गई थी। इसी दौरान महात्मा गांधी के साथ उनका जुड़ाव भी मजबूत हुआ।
राज्यपाल ने कहा कि आजादी के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर सरदार पटेल ने भारत की राजनीतिक एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया। उनका योगदान देश के इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।
गुजरात में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि देश की एकता, जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। इसके निर्माण में देशभर के गांवों से मिट्टी और किसानों से लोहे का संग्रह किया गया। इस परियोजना से स्थानीय लोगों और आदिवासी समुदाय को रोजगार के अवसर भी मिले। क्षेत्र में पर्यटन, हरियाली और बुनियादी सुविधाओं का विकास हुआ है।

राज्यपाल ने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ (Run for Unity) केवल दौड़ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने का माध्यम है। प्रत्येक नागरिक के मन में देश के लिए जीने, काम करने और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने का भाव होना चाहिए। जिसमें उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र के लिए त्याग और समर्पण करने वाले वीर जवानों का योगदान कभी भुलाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय भावना को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।
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