जालौन: जिले के नदीगांव विकास खंड के ग्राम कैलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर विवाद सामने आया है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दिव्यांग कोटे से स्वीकृत आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से 8 से 10 हजार रुपये तक की मांग की गई। मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
ग्राम कैलिया निवासी दृष्टिबाधित दिव्यांग लखन पुत्र भूरे ने आरोप लगाया कि आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले उससे रुपये लिए गए। उन्होंने कैमरे के सामने अपनी परेशानी बताते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए इस वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी बाधा और भ्रष्टाचार के पहुंचना चाहिए।

हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में यदि लाभ दिलाने के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह योजना की पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।