मथुरा में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड, राजस्व प्रशासन, कर-करेत्तर वसूली, चकबंदी, राजस्व वादों, आईजीआरएस शिकायतों तथा खाद्य एवं रसद विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति और लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित रुचि न लेने और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतें शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव एवं मंडलायुक्त स्तर से प्राप्त संदर्भों का स्वयं संज्ञान लेकर निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सभी अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उप जिलाधिकारियों को फॉर्मर्स रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की रैंकिंग में सुधार लाने और विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की प्राथमिक योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्रत्येक विभाग को अपने प्रदर्शन में सुधार लाना होगा।

राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों को अधिवक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त करने पर जोर दिया।
बैठक में स्टांप, विद्युत, राज्य कर, परिवहन, रोडवेज, आबकारी, मंडी समिति, खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन और खनन विभागों को राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें।