नोएडा/जेवर। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर एयरपोर्ट) परियोजना के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर क्षेत्र के विकास की यात्रा को याद करते हुए कहा कि किसानों के विश्वास और सहयोग से आज यह परियोजना नया इतिहास रच रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राज्य सरकार ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का निर्णय लिया था, तब भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होने के बाद अधिकारियों को 100 दिनों के भीतर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन शुरुआत में अपेक्षित गति नहीं मिल सकी।

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सीएम योगी ने कहा कि इसके बाद उन्होंने स्वयं क्षेत्र का दौरा किया और किसानों के साथ बैठक की। उस समय अधिकांश किसानों ने भूमि देने से इनकार किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा था कि यह एयरपोर्ट क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल देगा।
उन्होंने कहा, “मैंने किसानों से कहा था कि समय सबका आता है। जो अवसर को पहचानता है, वह आगे बढ़ता है और जो मौका गंवा देता है, वह पीछे रह जाता है। आपने सरकार पर विश्वास किया और उसी विश्वास का परिणाम है कि आज 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर पहले चरण का कार्य पूरा होकर नया इतिहास बना रहा है।”
मुख्यमंत्री ने जेवर क्षेत्र की पुरानी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी यह क्षेत्र अपराध और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था। शाम होते ही लोगों की आवाजाही प्रभावित होती थी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं रहती थीं। किसानों के लिए भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
उन्होंने कहा कि पहले जेवर केवल दिल्ली के निकट स्थित एक कस्बा या गांव माना जाता था, लेकिन आज यह देश की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक का केंद्र बन चुका है। एयरपोर्ट के निर्माण से रोजगार, निवेश, उद्योग और आधुनिक सुविधाओं के नए अवसर पैदा हुए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि आने वाले समय में जेवर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े निवेशक और उद्योग समूह इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विकास की इस यात्रा में भूमि देने वाले अन्नदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों और स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा करते हुए क्षेत्र को विश्वस्तरीय विकास मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बनेगी और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र वैश्विक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।