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यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने मदरसन ग्रुप के साथ एमओयू साइन किया, ₹3,491 करोड़ का निवेश और 20 हजार लोगों को रोजगार की उम्मीद

यमुना अथॉरिटी और मदरसन ग्रुप के बीच ₹3,491 करोड़ के निवेश का एमओयू हुआ है। इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 20 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

By: Nivedita  RNI News Network
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यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने मदरसन ग्रुप के साथ एमओयू साइन किया, ₹3,491 करोड़ का निवेश और 20 हजार लोगों को रोजगार की उम्मीद

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में मदरसन ग्रुप की कंपनी Samvardhana Motherson International Limited (SAMIL) ने बड़ा निवेश प्रस्तावित किया है। यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने कंपनी के साथ इस निवेश को लेकर एमओयू साइन किया है। कंपनी और उसकी समूह कंपनियां यमुना अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में करीब 3,491 करोड़ रुपये का निवेश कर नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने की योजना बना रही हैं। इस परियोजना के तहत अगले पांच वर्षों में लगभग 15,000 से 20,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। कंपनी का कॉरपोरेट कार्यालय नोएडा के सेक्टर-127 में स्थित है। मदरसन ग्रुप वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए विभिन्न प्रकार के कलपुर्जों के निर्माण, इंजीनियरिंग, असेंबली और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के लिए जाना जाता है। कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में समूह का कुल कारोबार 23 अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा।

ऑटोमोबाइल से लेकर एयरोस्पेस क्षेत्र तक होगा निर्माण

प्रस्तावित परियोजना में ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इनमें वायरिंग हार्नेस, पीवीसी इंसुलेटेड वायर, वाहनों के बाहरी और अंदरूनी रियर-व्यू मिरर, ऑटोमोटिव लाइटिंग सिस्टम, प्रिसिजन मेटल कंपोनेंट्स, कटिंग टूल्स, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, एग्जॉस्ट सिस्टम और इंजेक्शन मोल्डिंग से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। इसके साथ ही अत्याधुनिक टूलिंग, डिजाइन सपोर्ट, कंपोनेंट निर्माण, सब-असेंबली, फाइनल असेंबली और उत्पादों की जांच के लिए जरूरी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है। इससे उत्पादन प्रक्रिया को एकीकृत करने और कामकाज की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

 

कहां खर्च होंगे 3,491 करोड़ रुपये?

कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार, कुल निवेश में से 183 करोड़ रुपये जमीन, 997 करोड़ रुपये भवन निर्माण, 1,928 करोड़ रुपये प्लांट एवं मशीनरी और 383 करोड़ रुपये बिजली, पानी सहित अन्य उपयोगिता सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे। कंपनी ने बताया है कि निवेश की व्यवस्था आंतरिक संसाधनों से की जाएगी। जमीन की लागत का आकलन उत्तर प्रदेश की लागू निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत 75 प्रतिशत सब्सिडी को ध्यान में रखकर किया गया है।

47 देशों में फैला है कंपनी का कारोबार

मदरसन ग्रुप का कारोबार वैश्विक स्तर पर फैला हुआ है। कंपनी के मुताबिक, उसके पास 47 देशों में 425 से अधिक विनिर्माण और परिचालन इकाइयों का नेटवर्क है, जिसमें दो लाख से अधिक पेशेवर काम करते हैं। कंपनी वायरिंग हार्नेस, मिरर, पॉलिमर मॉड्यूल, लाइटिंग सिस्टम और अन्य ऑटोमोबाइल उत्पादों की आपूर्ति दुनिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों और उनके आपूर्तिकर्ताओं को करती है।प्रस्तावित निवेश से यमुना अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माण की क्षमता को मजबूती मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की स्थापना और क्रियान्वयन से संबंधित आगे की प्रक्रिया के बारे में अलग से जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

 

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