उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से दिल्ली के कैलाश नगर स्थित राजकीय सर्वोदय बाल विद्यालय के 20 विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्य और विद्यालय के पूर्व छात्रों ने मुलाकात की। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल की बनाई पेंटिंग उन्हें भेंट की।
विद्यार्थियों का यह दौरा विद्यालय के पूर्व छात्र सत्येंद्र त्रिपाठी के सहयोग से आयोजित हुआ। बच्चे हवाई यात्रा के माध्यम से राज्यपाल से मिलने पहुंचे। बातचीत के दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनकी पहली हवाई यात्रा के अनुभव, यात्रा के दौरान देखी गई चीजों और उनसे जुड़ी यादों के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों, शौक और भविष्य में वे क्या बनना चाहते हैं, इस बारे में बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए नियमित मेहनत और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सपनों को साकार करने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए लगातार प्रयास करना चाहिए।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अलावा महान व्यक्तित्वों के जीवन पर आधारित पुस्तकें पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के जीवन से संघर्ष, चुनौतियों और लक्ष्य प्राप्ति के तरीकों को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए बच्चों का शिक्षा से जुड़ना, लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छ पानी, साफ वातावरण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में भी बताया। साथ ही बच्चों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को घर का बना पौष्टिक भोजन देने की बात कही।

बातचीत के दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों को अपनी लिखावट सुधारने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट और अच्छी लिखावट पढ़ाई तथा परीक्षा में उत्तर प्रस्तुत करने में उपयोगी होती है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपनी यात्रा के दौरान देखी गई गतिविधियों और स्थानों के अनुभव पर निबंध लिखने को कहा। उन्होंने बताया कि किसी स्थान या गतिविधि को ध्यान से देखने और उसके अनुभव को लिखने से बच्चों में निरीक्षण और अवलोकन की क्षमता विकसित होती है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जन भवन परिसर में संचालित विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने परिसर में स्थापित गौशाला और शैक्षणिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया।उन्होंने बताया कि जन भवन को शैक्षणिक भ्रमण के केंद्र के रूप में भी विकसित किया गया है, जहां विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी आते हैं। परिसर को सुबह और शाम आमजन के लिए टहलने के लिए भी खोला गया है।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और घर का वातावरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे संस्कारों और मानवता की भावना के साथ आगे बढ़ने की सीख दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि भविष्य में सफल होने के बाद वे जरूरतमंद बच्चों की मदद करें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने में योगदान दें। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों को आशीर्वाद दिया और उन्हें चॉकलेट भी प्रदान की। साथ ही जन भवन में संचालित विद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां करीब 450 बच्चे अध्ययनरत हैं और विद्यालय वर्तमान में कक्षा 10 तक संचालित है। भविष्य में इसे कक्षा 12 तक विस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा।