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खारे पानी से मिलेगी राहत! एटा के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का जल शक्ति मंत्री ने किया निरीक्षण

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने एटा के बडेरा स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। परियोजना पूरी होने पर आगरा, फिरोजाबाद और एटा के 1682 गांवों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।

By: BS Yadav  RNI News Network
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खारे पानी से मिलेगी राहत! एटा के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का जल शक्ति मंत्री ने किया निरीक्षण

एटा: आगरा, फिरोजाबाद और एटा के लाखों लोगों को वर्षों पुरानी खारे पानी की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल के साथ एटा जनपद के बडेरा स्थित निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना केंद्र सरकार की “हर घर नल, हर घर जल” और “नमामि गंगे” योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के पूर्ण होने के बाद आगरा, फिरोजाबाद और एटा के 24 विकास खंडों के 1682 गांवों को शुद्ध एवं मीठा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

क्षेत्र के लोग लंबे समय से खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। भूजल में अधिक लवणता होने के कारण पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में यह परियोजना लाखों ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि परियोजना में आई देरी के कारणों की समीक्षा की गई है और कार्यदायी संस्था ने वर्ष 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया है।

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उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण और कुछ तकनीकी चुनौतियों के कारण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब सभी बाधाओं को दूर कर तेजी से काम कराया जा रहा है। परियोजना की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार पर्याप्त बजट उपलब्ध करा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जा रही है, ताकि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।

सरकार का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के लाखों लोगों को खारे पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर टिकी हैं, जिससे 2027 तक हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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