महेश सिंह अधीशासी अभियंता बाढ़ खंड कुशीनगर में विगत 06 वर्षो से अधिक समय से तैनात है, इनके ऊपर ठेकेदारो द्वारा भ्रष्टाचार के कई आरोप भी लगाए गये। महेश सिंह द्वारा बाढ़ खंड कुशीनगर के सभी कार्य 50 प्रतिशत भी पूरे नही किये गये। जिसको लेकर 28 सितंबर को रात लगभग 10ः30 बजे अहिरौलादान पिपरा घाट तटबंध के कि.मी. 5.100 पर अचानक तेजी से रिसाव शुरू हो गया। जिसके चलते तटबंध कट गया, जिसको लेकर उच्च अधिकारियों द्वारा तटबंध की मरम्मत हेतु अधिशासी अभियंता महेश सिंह को दिशा निर्देश दिये गये। लेकिन अधिशासी अभियंता ने उच्च अधिकारियों के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित नही किया। जिसके चलते बड़ी लापरवाही सामने आयी है और तटबंध टूट गया। जिसको देखते हुये जांचपरोन्त शासन द्वारा अधिशासी अभियंता महेश सिंह और सहायक अभियंता रतन सिंह को निलंबन करने की संस्तुति की गई। जिसमें मंत्री स्तर से सहायक अभियंता रतन दीप का निलंबन जारी हो गया।

लेकिन अधिशासी अभियंता महेश सिंह समूह के अधिकारी होने के नाते इनकी निलंबन की पत्रावली की संस्तुति, निर्णय हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों द्वारा महेश सिंह के निलंबन की संस्तुति को दरकिनार करते हुये अभय दान दे दिया गया। आखिर बाढ़ खंड कुशीनगर अधिशासी अभियंता महेश सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय ने क्यो अभय दान दिया क्या मुख्यमंत्री जी इसका संज्ञान लेंगे।