गोरखपुर के सांसद एवं लोकसभा सदस्य रवि किशन शुक्ला ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत गोरखपुर एम्स में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं एवं जटिल शल्य चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण विषय उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के सीमावर्ती जिलों तथा नेपाल के तराई क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एम्स गोरखपुर आज जीवनदायिनी स्वास्थ्य संस्था बन चुका है।
सांसद रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्थापित एम्स गोरखपुर ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है। अब लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए दिल्ली, लखनऊ अथवा अन्य महानगरों पर पहले की तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति क्षेत्र की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने सदन में कहा कि एम्स गोरखपुर में अभी भी कैंसर उपचार, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), हार्ट सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, किडनी प्रत्यारोपण, लिवर प्रत्यारोपण, डेंटल सर्जरी (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), जटिल शल्य चिकित्सा तथा अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का अभाव है। इन सुविधाओं के उपलब्ध न होने से गंभीर एवं जीवनरक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी सहित अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक, शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सांसद रवि किशन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि एम्स गोरखपुर में शीघ्र कैंसर संस्थान की स्थापना के साथ-साथ कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), न्यूरो सर्जरी, किडनी एवं लिवर प्रत्यारोपण, डेंटल सर्जरी (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), जटिल शल्य चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुपर स्पेशियलिटी विभागों का विस्तार किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सांसद रवि किशन ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार इस जनहित के विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों तथा नेपाल से आने वाले लाखों मरीजों को उनके क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।