Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी के कुरावली क्षेत्र में स्थित जखौआ गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा का मामला सामने आया है। बता दें गौशाला में छह गोवंश मृत मिलने और आठ गोवंशों के कंकाल पड़े होने का दावा किया गया है। दरअसल, मामले की जानकारी मिलने पर जांच करने पहुंची गौरक्षक टीम को कथित तौर पर गौशाला के अंदर बंद कर दिया गया। जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस ने ताला खुलवाकर टीम को बाहर निकाला। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल देखने को मिली है।
मिली जानकारी के मुताबिक, कुरावली की जखौआ गौशाला में गोवंशों की स्थिति का जायजा लेने के लिए गौरक्षक टीम पहुंची थी। जिसके बाद टीम ने वहां छह गोवंश मृत पाए जाने और आठ के कंकाल पड़े होने का दावा किया। ऐसे में आरोप है कि ग्राम प्रधान ने गौरक्षक टीम को गौशाला के अंदर बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद टीम ने पुलिस से मदद मांगी।
दरअसल, सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और गौशाला का ताला खुलवाकर टीम को बाहर निकाला। ऐसे में घटना की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार, सीओ कुरावली और इंस्पेक्टर ललित भाटी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि अधिकारियों के बुलाने के बावजूद ग्राम प्रधान मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि, इस संबंध में ग्राम प्रधान का पक्ष सामने आना बाकी है।

गौशाला में मृत मिले गोवंशों को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रात के समय दफनाया गया। इस घटना के बाद गौशाला में गोवंशों की देखरेख, चारे-पानी की व्यवस्था और जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, गोवंशों की मौत के कारणों और कंकालों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
बता दें इस मामले में विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष शिवम तथा विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री सोमेश तिवारी के बयान भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन मामले की जांच कर गोवंशों की मौत के कारणों का पता लगाता है या नहीं और लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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