औरैया। करवा चौथ के पर्व को लेकर औरैया में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में मिट्टी के करवे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कुम्हार पारंपरिक तरीके से करवे तैयार कर उन्हें सुंदर रंगों और डिजाइनों से सजा रहे हैं। महिलाएं भी पूजा की तैयारियों के लिए मिट्टी के करवे और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी कर रही हैं।
करवा चौथ के त्योहार में मिट्टी के करवे का विशेष महत्व माना जाता है। इसे देखते हुए कुम्हार कई दिनों की मेहनत से करवे तैयार कर उन्हें आकर्षक रूप दे रहे हैं। करवा विक्रेता सोहन लाल के मुताबिक, त्योहार के चलते अच्छी बिक्री हो रही है। उन्होंने बताया कि करवे बनाने और उन्हें सजाने में काफी मेहनत लगती है, लेकिन ग्राहकों की पसंद और बिक्री से उन्हें खुशी मिल रही है।
औरैया के बाजारों में मिट्टी के करवे के साथ करवा चौथ की पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी उपलब्ध है। सजावटी करवे महिलाओं को पसंद आ रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजार में खरीदारी की रौनक भी बढ़ रही है।

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि करवा चौथ की पूजा में मिट्टी के करवे का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी मान्यता के चलते वे पूजा के लिए मिट्टी से बने करवे खरीदना पसंद करती हैं। महिलाओं के बीच पारंपरिक करवे की मांग बनी हुई है।
करवा चौथ जैसे त्योहार कुम्हारों के पारंपरिक कारोबार को भी सहारा देते हैं। मिट्टी के करवे तैयार करने से लेकर उन्हें सजाने तक कारीगर अपनी कला और मेहनत का प्रदर्शन करते हैं। त्योहार के अवसर पर इन उत्पादों की मांग बढ़ने से कुम्हारों को रोजगार और आमदनी का अवसर मिलता है।