लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह में कुल 11,053 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 32 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। सभी उपाधियों को डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध कराया गया है।
समारोह के दौरान जनपद श्रावस्ती के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को आवश्यक किट वितरित की गईं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 300 बालिकाओं का HPV टीकाकरण भी कराया गया। इसी क्रम में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के कार्यक्रम में गोंडा जिले के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट और 300 बालिकाओं को HPV वैक्सीन लगाई गई। राज्यपाल ने बताया कि जन भवन और CSR के माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 65,643 से अधिक आंगनबाड़ी किट वितरित की जा चुकी हैं।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह अवसर केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए संकल्प लेने का समय है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, अनुशासन और सेवा भावना को जीवन का आधार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन संघर्ष, सकारात्मक सोच और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक सर्जरी, टेलीमेडिसिन, जीनोमिक्स और डिजिटल हेल्थ जैसी तकनीकों से चिकित्सा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ऐसे में चिकित्सकों को निरंतर सीखते रहने और शोध कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने की आवश्यकता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों के इलाज के साथ उनके स्वास्थ्य इतिहास को गंभीरता से दर्ज करें, ताकि भविष्य में शोध और बेहतर स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में सहायता मिल सके।

राज्यपाल ने अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्किल्स ऑन व्हील्स, मोबाइल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिमुलेशन लैब और सौर ऊर्जा परियोजना जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि वे गांवों को गोद लेकर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएं।
राज्यपाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए विश्वविद्यालय परिसरों को पूरी तरह नशामुक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कुलपतियों और शिक्षकों से छात्रावासों में नियमित निगरानी रखने और विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण के लिए मियावाकी वन विकसित करने और पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की पांच नई पहलों का शुभारंभ किया और विश्वविद्यालय ध्वज का अनावरण किया। उन्होंने गोद लिए गए गांवों के बच्चों की रचनात्मक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने HPV वैक्सीनेशन अभियान में सहयोग करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में नवदीक्षित चिकित्सकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे अपनी शिक्षा और कौशल के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के स्वास्थ्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें।