लखनऊ: प्रदेश में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ में ‘यू.पी. स्टार्टअप संवाद 3.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान राज्यपाल ने युवाओं को नए विचारों के साथ उद्यम स्थापित करने और समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम विचार से अवसर, नवाचार से निवेश और प्रतिभा से उपलब्धि तक की यात्रा को गति देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज का युवा समस्या पहचानने, समाधान खोजने और अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है। युवाओं को अपने विचारों को छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि कई बार बड़ा बदलाव छोटे विचार से ही शुरू होता है।उन्होंने कहा कि स्टार्टअप का मतलब केवल कंपनी बनाना नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य समस्या को पहचानना, समाधान तैयार करना, उसका परीक्षण करना और उसे बड़े स्तर तक पहुंचाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में भी नवाचार की जरूरत बताई।

राज्यपाल ने युवाओं से अपने विचारों की बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के लिए पेटेंट कराने पर जोर दिया। इस अवसर पर ‘कलाम पेटेंट सेंटर’ का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही ‘इनोवेशन हब यूपी पोर्टल’ का अनावरण और ‘स्टूडेंट एंड फैकल्टी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी 2026’ का विमोचन किया गया।
राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रयासों से इनक्यूबेशन सेंटर्स की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जहां 1,400 से अधिक स्टार्टअप इनक्यूबेट हो रहे हैं। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन इनक्यूबेटर’ के तहत पिछले दो वर्षों में 82 निःशुल्क इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप और 50 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स ने भाग लिया। निवेशकों की मौजूदगी में 15 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित निवेश पाइपलाइन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया। इस दौरान एआई, एग्रीटेक, हेल्थटेक, मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स क्षेत्र के स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया।राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने वाला नवाचार-नेता बन सकता है।