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किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, CM योगी ने दिए व्यापक लागू करने के निर्देश

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। सभी किसानों का पंजीकरण, आधार लिंकिंग और किसान पहचान पत्र अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। 1 मई 2026 तक पोर्टल क्रियाशील करने और सभी विभागों को जोड़ने के निर्देश दिए गए।

By: BS Yadav  RNI News Network
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किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, CM योगी ने दिए व्यापक लागू करने के निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कृषि विभाग के कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में यथाशीघ्र विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है। इसके अन्तर्गत कृषि विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर सरल और व्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि अथवा विसंगति है, तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए। प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए और पात्रता का सत्यापन सुगम हो सके।

कृषि विभाग अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था निर्धारित समयसीमा में तैयार करे और विभागीय पोर्टल को 01 मई, 2026 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाए। इसके माध्यम से लाभार्थियों के चयन और लाभ वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल एवं एकीकृत रूप में संचालित किया जा सकेगा। उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभाग भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र के उपयोग के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें और 31 मई, 2026 तक आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लें, ताकि सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक जटिलताएं समाप्त होंगी। इससे संसाधनों का लक्षित उपयोग सम्भव होगा तथा विशेष परिस्थितियों में आवश्यक कृषि इनपुट का वितरण अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से किसानों तक पहुंचेगा और एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने की स्थिति की समीक्षा भी सहज रूप से की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इस कार्य को गम्भीरता से लेते हुए समय सीमा के भीतर पूर्ण करें और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

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