खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीद की रफ्तार धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने खुटेहना स्थित पीसीयू के धान क्रय केन्द्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। निरीक्षण के दौरान संसाधनों, बोरों की उपलब्धता, धान की आवक और भुगतान प्रक्रिया की गहन समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी और निर्बाध धान खरीद सुनिश्चित की जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
क्रय केन्द्र प्रभारी सचिव रवीन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि 20000 कुंतल के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 10621.25 कुंतल धान की ही खरीद हो सकी है, जो लक्ष्य से काफी कम है। वहीं 10140.10 कुंतल धान राइस मिलों को भेजे जाने की जानकारी दी गई। लक्ष्य के मुकाबले आधी से भी कम खरीद पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए क्रय व्यवस्था को और तेज करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान परसौली निवासी किसान गंगाराम का धान खरीदा जा रहा था। डीएम ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया। किसानों ने व्यवस्थाओं पर संतोष तो जताया, लेकिन क्षेत्र में अभी भी कई किसानों के धान बिक्री से वंचित रहने की बात सामने आई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तय मानकों के अनुसार ही धान की खरीद की जाए और खरीदे गए धान का समय से मिलों को प्रेषण सुनिश्चित हो। उन्होंने केन्द्र प्रभारी को क्षेत्रीय किसानों से सक्रिय संपर्क बनाए रखने और अधिक से अधिक धान खरीद सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी समर्थन मूल्य से वंचित न रहे।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक रामनयन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम की सख्ती से धान खरीद व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है, वहीं लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।