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बिजनौर प्रकरण पर कांग्रेस का आरोप, प्रतिनिधिमंडल को रोका गया, नेताओं को किया गया नजरबंद

बिजनौर के तालिब-खालिद प्रकरण में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को जेल मुलाकात से रोके जाने पर विवाद बढ़ा। नेताओं को नजरबंद करने के आरोप लगे, जबकि कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

By: BS Yadav  RNI News Network
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बिजनौर प्रकरण पर कांग्रेस का आरोप, प्रतिनिधिमंडल को रोका गया, नेताओं को किया गया नजरबंद

बिजनौर में तालिब-खालिद प्रकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल को जब 6 अप्रैल को जिला कारागार जाकर खालिद-तालिब बंधुओं से मुलाकात करनी थी, उससे पहले ही पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं को नजरबंद कर दिया। जानकारी के अनुसार, जिला अध्यक्ष हेनरीता सिंह और शहर अध्यक्ष हुमायूं बेग को हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि चितवन शर्मा, नीरज चौधरी, विक्रम सिंह और अनिल त्यागी को उनके कार्यालय पर ही रोक दिया गया।

कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। चितवन शर्मा ने कहा कि सरकार विपक्ष को पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं देना चाहती। उन्होंने पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर भी आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए क्षेत्र के भाईचारे को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कोई गैरकानूनी कार्य हुआ है तो कार्रवाई प्रशासन का अधिकार है, न कि किसी पूर्व सांसद का।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सांप्रदायिक मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान असली समस्याओं जैसे बेरोजगारी, महंगाई, किसान संकट और महंगी शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं से भटका रही है। नीरज चौधरी और मुनीश त्यागी ने भी तालिब-खालिद बंधुओं के साथ कथित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

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