चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाताओं को 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाताओं को 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया है।
चुनाव आयोग द्वारा पहले चरण की SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक की गई है। इससे पहले आयोग ने मतदाता सत्यापन की समय-सीमा को दो बार बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि VB-G RAM G एक्ट पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करता है, रोजगार के अवसर पैदा करता है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देता है।
CMO के निरीक्षण के बाद 17 कर्मचारी से स्पष्टीकरण...
मुख्य सचिव ने जनगणना-2027 की तैयारियों के समयबद्ध निष्पादन, प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय और डिजिटल साधनों के समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षण की अहमियत रेखांकित करते हुए प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों के शेष विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को शीघ्र नल कनेक्शन से आच्छादित करने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को शेष संस्थानों की सूची तत्काल मिशन को उपलब्ध कराने और प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्वाचन आयोग की इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जुड़े सभी आंकड़े सार्वजनिक करेंगे। इसमें कितने नाम जोड़े गए, कितने हटाए गए और किन कारणों से नाम कटे, इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी।
भूमि सुधारों के तहत प्रदेश में मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा देने के लिए फ्लेक्सिबल जोनिंग फ्रेमवर्क अपनाया गया है। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है।
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में वाई-फाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम के साथ-साथ किताबों और डिजिटल कंटेंट की समृद्ध व्यवस्था होगी।
निरीक्षण के दौरान परसौली निवासी किसान गंगाराम का धान खरीदा जा रहा था। डीएम ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया।
देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि पुलिस भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की आयु छूट दी जाए।
योगी सरकार के इस फैसले के तहत उत्तर प्रदेश में होने वाली सिपाही भर्ती में आयु सीमा को लेकर 3 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यह राहत लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे उन अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो उम्र सीमा के कारण अब तक आवेदन से वंचित रह गए थे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में जब कल्याण सिंह ने 1991 में प्रदेश की कमान संभाली, तब राज्य में अराजकता, गुंडागर्दी और कुशासन का माहौल था। सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों, गरीबों और युवाओं तक नहीं पहुंच पा रहा था।
नोएडा प्राधिकरण का यह फैसला 24 नवंबर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन परियोजनाओं ने भवन निर्माण नियमों और बकाया भुगतान की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किया जाए और रजिस्ट्रियों की अनुमति दी जाए।
नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक में इस योजना को लेकर दो प्रतिष्ठित संस्थानों-आईआईटी रुड़की और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली-ने अपना-अपना प्रजेंटेशन दिया।