‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
योगी सरकार की 10 बड़ी सौगातों से विकास को मिलेगी रफ्तार...
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पुरुष अभ्यर्थियों की आयु सीमा बढ़ाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की लचर और दोषपूर्ण भर्ती व्यवस्था का परिणाम है, जिसकी कीमत बेरोजगार युवाओं को नहीं चुकानी चाहिए...
सांसद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने की दिशा में भाजपा निरंतर आगे बढ़ रही है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
नववर्ष, शीतलहर, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर दिए सख्त निर्देश...
अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में सबसे अधिक वोट कटे हैं। प्रदेश स्तर पर औसतन 18.7 प्रतिशत मतदाता असंग्रहणीय (Uncollectable) पाए गए हैं, जबकि टॉप-10 जिलों में यह औसत 25.23 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
“पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठी चलती थी। 2017 से पहले न यहां सुरक्षा थी, न बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था। अयोध्या उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार थी।”
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस वर्ष नए साल से कई दिन पहले से ही प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज में लाखों की संख्या में युवा पर्यटक पहुंच रहे हैं।
मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल पर मंथन...
प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जो कुल मतदाता सूची का लगभग 18.7 प्रतिशत है।
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण किया।
मेला प्राधिकरण का कहना है कि साधु-संतों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है कि माघ मेला धर्म और आस्था से जुड़ा आयोजन है, जहां गैर-धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सीएम योगी के निर्देश पर शासनादेश जारी, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत...
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला का अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया जाएगा। इस दौरान यज्ञ, हवन और पूजन की सभी पारंपरिक विधियां संपन्न होंगी।
श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या केवल एक धार्मिक नगर ही नहीं रही, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनकर उभरी है। रामनगरी ने विकास और विरासत के समन्वय का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।