लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों से दवाओं और जांचों के नाम हिंदी या देवनागरी लिपि में लिखने का आग्रह किया। उन्होंने मरीजों से भोजपुरी, अवधी जैसी मातृभाषाओं में संवाद करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे मरीज चिकित्सकीय सलाह को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
