नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा।
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा।
नोएडा प्राधिकरण और HCL फाउंडेशन के सहयोग से आयोजन
कार्रवाई के दौरान मथुरा के हेरिटेज सिटी क्षेत्र में निर्माणाधीन अवैध होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक संरचनाओं के खिलाफ ध्वस्तीकरण किया गया।
यमुना में गिरने वाले दूषित पानी को लेकर नोएडा अथॉरिटी और CPCB के दावों में स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है। नोएडा अथॉरिटी ने कोर्ट में दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शहर में उपलब्ध सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता जरूरत से अधिक है और 100 प्रतिशत सीवेज को ट्रीट किया जा रहा है।
नई सूची के अनुसार RTI, सोशल मीडिया, मीडिया एवं पब्लिसिटी, भूमि अधिग्रहण, लैंड रिकॉर्ड और आबादी (अबादी) से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां नए सिरे से अफसरों को सौंपी गई हैं।
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन... सेक्टर-150 हादसे के बाद सख्त कदम
SIT के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण ने हादसे वाले प्लॉट और आसपास के क्षेत्र में पिछले 2-3 वर्षों के दौरान तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों का विवरण खंगालकर सौंपा है।
लेआउट प्लान के अनुसार, एक ओर 30 मीटर और दूसरी ओर 45 मीटर चौड़ी सड़क दिखाई गई है, जो सीधे 90 डिग्री के एंगल पर कटती हैं। सड़क विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी चौड़ी सड़कों पर वाहनों की गति सामान्यतः अधिक होती है और ऐसे में अचानक आने वाला तीखा मोड़ दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ा देता है।
नोएडा में गड्ढे में डूबकर इंजीनियर की मौत के मामले में अब जांच और गहराने वाली है। जिला न्यायालय ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए पुलिस जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
नोएडा सेक्टर-150 हादसे में इंजीनियर की मौत के बाद योगी सरकार का बड़ा कदम। नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम हटाए गए, SIT जांच जारी।
सरकार द्वारा गठित SIT का नेतृत्व ADG मेरठ करेगी। वहीं टीम में ADG मेरठ, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह SIT पूरे मामले की 5 दिनों के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
अमिताभ कांत की सिफारिशों के आधार पर कुल 57 रियल एस्टेट परियोजनाओं को इस नीति के दायरे में लाया गया था।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। यह न केवल हवाई कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित करेगा।