योगी सरकार ने श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण को तेज किया। ₹382 करोड़ की योजना में ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी, 8 छात्रावासों से 4,000 महिलाओं को लाभ।
योगी सरकार ने श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण को तेज किया। ₹382 करोड़ की योजना में ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी, 8 छात्रावासों से 4,000 महिलाओं को लाभ।
यूपी विधानसभा बजट सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और सपा पर दो घंटे से अधिक के भाषण में कानून-व्यवस्था, वंदेमातरम और फॉर्म-7 जैसे मुद्दों पर पलटवार किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मर्यादा के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार के आचरण से पहले प्रदेश में बेटियां डरती थीं और व्यापारी अपना कारोबार समेटने को मजबूर होते थे।
ADG स्तर पर CID और पुलिस भर्ती बोर्ड में हुई आपसी अदला-बदली
नई नीति के अनुसार 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब के दामों में लगभग ₹5 की बढ़ोतरी की गई है। अब यह देसी शराब ₹165 से बढ़कर ₹173 में मिलेगी। हालांकि, अंग्रेजी शराब, बीयर और अन्य मदिरा उत्पादों की कीमतों में फिलहाल कोई संशोधन नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 से 4 मार्च तक होली का पर्व मनाया जाएगा और ब्रज क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में उत्सव का वातावरण रहेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि शोभायात्राओं में किसी भी उपद्रवी तत्व की घुसपैठ न हो।
समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निर्माण के दिए निर्देश
‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास, सबका प्रयास’ को मिली नई गति
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरा। बोले-‘मेक इन इंडिया’ का शेर जंग खा चुका है।
लखनऊ में यूपी विधानसभा बजट सत्र का आगाज़। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा, सरकार ने कानून व्यवस्था और कुंभ आयोजन की उपलब्धियां गिनाईं।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अनुसार वर्ष 2017-18 में जहां 74 बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं संचालित की गई थीं, वहीं 2018-19 में इनकी संख्या बढ़कर 111 हो गई।
युवाओं के स्वरोजगार को गति देने पर योगी सरकार का फोकस, 1.35 लाख को मिल चुका ऋण
भ्रष्टाचार निवारण संगठन, एसटीएफ और पुलिस मुख्यालय में फेरबदल...
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भौतिक विकास ही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। सार्थक विकास वही है जो हमारी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े।