नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक में इस योजना को लेकर दो प्रतिष्ठित संस्थानों-आईआईटी रुड़की और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली-ने अपना-अपना प्रजेंटेशन दिया।
नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक में इस योजना को लेकर दो प्रतिष्ठित संस्थानों-आईआईटी रुड़की और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली-ने अपना-अपना प्रजेंटेशन दिया।
सात दिनों तक चलने वाली इस बैठक में सामाजिक समरसता से जुड़े चल रहे कार्यक्रमों की गति और प्रभाव का भी आंकलन किया जाएगा। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों-विशेषकर असम, बंगाल से लेकर दक्षिण में केरल-को ध्यान में रखते हुए संघ के ध्येय वाक्य “बंटोगे तो कटोगे” को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर गहन मंथन होगा।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 27 लाख पात्र बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इस पर राज्य सरकार द्वारा कुल 647.21 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है।
लखनऊ में गोमती नदी पर 180 मीटर लंबा पेडेस्ट्रियन ब्रिज बनेगा। ‘मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं’ थीम पर बनने वाले इस ब्रिज पर 54 करोड़ रुपये खर्च होंगे, 18 माह में पूरा होगा निर्माण।
राजभवन लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की बैठक हुई। समयपूर्व रिहाई शासनादेश, पारदर्शिता, कौशल विकास और महिला बंदियों की आवश्यकताओं पर दिए गए अहम निर्देश।
बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आवासीय समितियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैट्स में “सब्सीक्वेंट मेंबर” के नाम एनओसी और त्रिपक्षीय उपपट्टा पंजीकरण से जुड़ी आ रही समस्याओं के समाधान हेतु एक 8 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कुल 98 जनकल्याणकारी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा जा चुका है। इनमें केंद्र सरकार की 13 और उत्तर प्रदेश सरकार की 85 योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कैडर विस्तार के बाद उत्तर प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की कुल संख्या 652 से बढ़कर 683 हो गई है। यह निर्णय भारत सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिनियम, 1955 में संशोधन कर लिया गया है।
ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचने लगे। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
मान्यता है कि माघ मास में सभी देवी-देवता प्रयागराज में वास करते हैं, इसलिए पौष पूर्णिमा से कल्पवास की परंपरा प्रारंभ होती है।
जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी ने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 के दौरान जेवर, दादरी, दनकौर और कासना सहित कई क्षेत्रों में अवैध खनन के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया।
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 4 बजे से होते ही ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का क्रम आरंभ हो गया। प्रशासन के अनुमान के अनुसार, सुबह से ही 25 से 30 लाख श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी।
पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में CM योगी के अहम निर्देश...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाए और शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित किया जाए।