बिना अनुमति खोदी गई पाइपलाइन, राहगीरों के लिए बना खतरा...
बिना अनुमति खोदी गई पाइपलाइन, राहगीरों के लिए बना खतरा...
वोफा 2.0 के मंच पर SARC की मौजूदगी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। SARC हॉल नंबर 9 और 10 में स्टॉल नंबर 8 के माध्यम से उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर रहा है।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 जनवरी 2026 तक प्राधिकरण की पूंजीगत प्राप्तियां 2669.12 करोड़ रुपये रही हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 120 प्रतिशत अधिक हैं।
ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना के माध्यम से न केवल पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और तकनीकी विकास के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार नोएडा अथॉरिटी को दोनों हाथों से भरभर कर पैसा देती है ताकि लोग सुरक्षित रहें और अपना जीवन अच्छे से व्यतीत कर सकें। लेकिन, उस पैसे का जीएम ट्रैफिक द्वारा इतना दुरुपयोग किया गया कि घटना स्थल पर न Cat Eye लगी थी, न ही स्पीड ब्रेकर था।
‘स्टार्ट इन यूपी’ नीति के तहत नवाचार और स्टार्टअप को मिल रहा नया विस्तार...
प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-150 के एससी-02 प्लॉट पर बने प्रोजेक्ट के निम्न टावरों को अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किया गया है- ए-1, ए-2, बी-1, बी-2, बी-3 और सी-1।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 7 प्रतिशत आबादी भूखंड देने का मामला प्राधिकरण की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को अब तक आबादी भूखंड नहीं मिल सके हैं, उन्हें पहले चरण में योजना के दायरे में लाया जाएगा।
हाथरस अर्बन सिटी का मास्टर प्लान यमुना एक्सप्रेसवे मास्टर प्लान फेज-2 के अंतर्गत तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश के तीनों विकास प्राधिकरण भू-माफियाओं के खिलाफ एक्शन मोड में हैं।
खेड़ा चौगानपुर में प्राधिकरण की अधिगृहीत भूमि पर कब्जे का मामला...
प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस, अधिकारियों पर गिरी अनुशासनात्मक गाज...
एलिवेटेड रोड को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की संभावना है, जिसमें टोल वसूली के माध्यम से निर्माण लागत की रिकवरी की जाएगी।
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) और प्राधिकरण की जनसुनवाई में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन हर बार औपचारिकता निभाकर मामलों को बंद कर दिया गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सर्विस रोड का निर्माण और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आम्रपाली समूह से जुड़े लोगों ने बायर्स से जुटाए गए पैसों में से 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम विदेश भेज दी।