लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में चार लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं के चयन, लखनऊ-हरदोई में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर और PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। इसके अलावा कर्मचारियों के कैशलेस इलाज, आवास निर्माण, जल प्रबंधन और सीवरेज-पेयजल परियोजनाओं पर भी निर्णय लिए गए।
प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं से विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले का उद्देश्य सैनिक स्कूल से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भूमि उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट ने माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इस पहल से संबंधित कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में कपड़ा उद्योग और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और हरदोई में 1,000 एकड़ क्षेत्र में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाया गया है। इसके लिए मास्टर डेवलपर के चयन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस परियोजना से प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
कैबिनेट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और वैश्विक कंपनियों से जुड़े निवेश प्रस्तावों के संबंध में इम्पावर्ड कमेटी के फैसले को मंजूरी देने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की GCC नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाना और वैश्विक कंपनियों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करना है।
डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली। इस केंद्र की स्थापना से साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों की निगरानी और उनसे निपटने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए PRAGATI रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह पहल उभरती तकनीकों और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को वित्तीय मंजूरी देने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। इसके अलावा प्रयागराज में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आवासीय और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करना है।
झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में भंडारण सुविधाओं के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह निर्णय प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन से संबंधित नियमों और व्यवस्था को निर्धारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कैबिनेट ने लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज तथा पेयजल से जुड़ी सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
योगी कैबिनेट के इन फैसलों में सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, औद्योगिक निवेश, आधुनिक तकनीक और शहरी बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। लिंक एक्सप्रेसवे, टेक्सटाइल पार्क और रोबोटिक्स पार्क जैसी परियोजनाएं प्रदेश के विकास एजेंडे का अहम हिस्सा हैं। वहीं, कर्मचारियों के कैशलेस इलाज और आवास निर्माण से जुड़े निर्णयों का उद्देश्य सुविधाओं का विस्तार करना है। इन प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन, परियोजनाओं की समयसीमा और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई से इनके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।