1. हिन्दी समाचार
  2. अन्य खबरें
  3. ‘फॉर्म-7 में जितने नाम, सब PDA के’ – अखिलेश यादव का आरोप, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई का ऐलान

‘फॉर्म-7 में जितने नाम, सब PDA के’ – अखिलेश यादव का आरोप, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई का ऐलान

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फॉर्म-7 को लेकर गंभीर आरोप लगाए। कहा-नाम कटने की कोशिश PDA समुदाय की है, जिला अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
Updated:
‘फॉर्म-7 में जितने नाम, सब PDA के’ – अखिलेश यादव का आरोप, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई का ऐलान

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया में फॉर्म-7 को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 में जिन नामों को काटने की कोशिश की जा रही है, वे सभी PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय से जुड़े हैं। अखिलेश यादव ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि इस लड़ाई को जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा।

‘फर्जी फॉर्म-7’ का आरोप, PDA प्रहरी को सतर्क रहने के निर्देश

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशें हो रही हैं, उनकी कहानियां जाति से जुड़कर सामने आती हैं। उन्होंने PDA प्रहरी को सतर्क रहने, निगरानी बढ़ाने और हर पीड़ित मतदाता की मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने लिखा कि “एक भी वोट न कटने पाए, एक भी वोट न घटने पाए”-यही सपा का संकल्प है। नाम कटवाने के षड्यंत्र की सूची में-

कहीं कुर्मी, कहीं पटेल
कहीं पाल, कहीं मौर्य
कहीं लोध, कहीं लोधी
कहीं कुर्मी, कहीं यादव
कहीं पासी, कहीं पासवान
कहीं निषाद, कहीं मल्लाह
कहीं केवट, कहीं कश्यप
कहीं कुम्हार, कहीं प्रजापति
कहीं सोनकर, कहीं कोरी
कहीं अंसारी, कहीं भारती
कहीं पटेल, कहीं कनौजिया
कहीं बिंद, कहीं सैंथवार
कहीं भर, कहीं राजभर
कहीं कुंजरा, कहीं रयीन
कहीं गुर्जर, कहीं गडेरिया
कहीं गद्दी, कहीं घोसी
कहीं माली, कहीं सैनी
कहीं मणिहार, कहीं काचर
कहीं हज्जाम, कहीं सलमानी
कहीं तेली, कहीं समानी
कहीं रोगंगर, कहीं धोबी
कहीं लाखेर, कहीं गंगवार
कहीं बाथम, कहीं जाट,
कहीं कोई अन्य पीडीए…

चुनाव आयोग पर भी सवाल

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इस पूरे मामले में निष्क्रिय दिखाई दे रहा है। उन्होंने मांग की कि सुनवाई केंद्र 1-2 किलोमीटर के भीतर बनाए जाएं और शिकायतों की अनसुनी न हो। साथ ही यह भी कहा कि यदि चुनाव आयोग AI के जरिए वह सूची सार्वजनिक करे, जो कथित तौर पर वोट कटवाने के लिए दी गई है, तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

पंचायत चुनाव और आरक्षण पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने पंचायत चुनावों में देरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण के नाम पर चुनाव इसलिए टाले जा रहे हैं क्योंकि सरकार जानती है कि गांव-गांव में जनता उसके खिलाफ मतदान के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि न तो जनगणना हो रही है, न जाति गणना- यह सरकार की विफलता है।

‘वोट छिना तो सब छिन जाएगा’

पोस्ट के अंत में सपा अध्यक्ष ने कहा कि PDA समुदाय अपने मताधिकार की रक्षा के लिए क़यामत तक लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी फॉर्म-7 भरने वालों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, लेकिन समाजवादी पार्टी हर स्तर पर इसका विरोध करेगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...