नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक में शहर के औद्योगिक विकास, निवेश, किसानों के आबादी भूखंड, व्यावसायिक संपत्तियों, यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बोर्ड ने AI सिटी और बिजनेस पार्क विकसित करने, आईटी कंपनियों के लिए जमीन उपलब्ध कराने, औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क में कमी, किसानों के 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों के निस्तारण और सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर निर्णय लिए।

नोएडा में विकसित होगी AI सिटी और बिजनेस पार्क
नोएडा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आईटी और तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए AI City-cum-Business Park विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। बोर्ड बैठक में उत्तर प्रदेश प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025 को अपनाने और इसके तहत मास्टर डेवलपर के चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। प्रस्तावित परियोजना में AI, IT/ITES, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, अनुसंधान, स्टार्टअप और कौशल विकास से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मास्टर डेवलपर का चयन प्रतिस्पर्धात्मक ई-बिडिंग के माध्यम से होगा। परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण यानी DBFOT मॉडल पर विकसित किया जाएगा। जमीन का स्वामित्व नोएडा प्राधिकरण के पास रहेगा। निर्धारित शर्तों के तहत 45 वर्ष की लीज अवधि को अतिरिक्त 45 वर्ष तक बढ़ाने का प्रावधान भी है। साथ ही निर्मित क्षेत्र का न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्सा आईटी और ज्ञान आधारित सेवाओं के लिए आरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। इस परियोजना से नोएडा में तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

सेक्टर-147 में 68 हजार वर्ग मीटर जमीन पर विकसित होगा ऑफिस स्पेस
आईटी और आईटी आधारित सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को आधुनिक कार्यालय उपलब्ध कराने के लिए सेक्टर-147 में लगभग 68,000 वर्ग मीटर भूमि पर ग्रेड-A ऑफिस स्पेस विकसित करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्थागत आईटी/आईटीईएस भू-उपयोग की जमीन पर भूखंड आवंटन योजना जारी की जाएगी। इससे आधुनिक कार्यालय सुविधाओं का विस्तार करने और आईटी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। आवंटन योजना जारी करने और आगे की प्रक्रिया के बाद परियोजना के विकास का रास्ता स्पष्ट होगा।
सेक्टर-105 में बनेगा एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स
नोएडा के सेक्टर-105 में 12,596.64 वर्ग मीटर व्यावसायिक भूमि पर एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। पूरी जमीन एक ही भूखंड के रूप में एकल बोली के माध्यम से एक पट्टाधारक को उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में 4.0 एफएआर, अधिकतम 20 मीटर ऊंचाई और भूखंड के भीतर नियमानुसार पार्किंग का प्रावधान होगा। पट्टा विलेख के निष्पादन के पांच वर्ष के भीतर अधिकतम तीन चरणों में निर्माण पूरा कर अधिभोग प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। इस परियोजना से संबंधित क्षेत्र में ऑटोमोबाइल कारोबार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क में कमी, 10 से घटकर 7 प्रतिशत
औद्योगिक इकाइयों से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए बोर्ड ने कार्यशील औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, निर्धारित मूल अवधि के बाद निर्माण और इकाई को कार्यशील बनाने के लिए अधिकतम तीन वर्ष तक सालाना समयवृद्धि देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए पहले, दूसरे और तीसरे अतिरिक्त वर्ष का शुल्क क्रमशः 3, 5 और 7 प्रतिशत निर्धारित किया गया। हिस्सेदारी में बदलाव से जुड़ी प्रक्रिया में देरी का शुल्क भी 500 रुपये प्रतिदिन से घटाकर 300 रुपये प्रतिदिन करने की मंजूरी दी गई। निजी लिमिटेड कंपनी को एलएलपी में बदलने की प्रक्रिया सरल करने और पारिवारिक हिस्सेदारी में बदलाव पर शुल्क छूट के लिए शासन द्वारा निर्धारित परिवार की परिभाषा अपनाने को भी मंजूरी मिली। इन फैसलों से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को हस्तांतरण और अन्य प्रक्रियाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-32 में भू-भाटक दर करीब 612 रुपये से घटाकर 232 रुपये प्रति वर्ग मीटर सालाना
सेक्टर-32 के सी-01 भूखंड पर निर्मित यूनिटों के उपपट्टाधारकों से वसूले जाने वाले भू-भाटक की दर में बदलाव को मंजूरी दी गई। अब तक लगभग 612 रुपये प्रति वर्ग मीटर सालाना की दर से भू-भाटक लिया जा रहा था। पुनर्गणना के आधार पर इसे लगभग 232 रुपये प्रति वर्ग मीटर सालाना करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से संबंधित भूखंडों के पात्र उपपट्टाधारकों को राहत मिल सकती है। यह बदलाव संबंधित संपत्तियों तक सीमित है, इसे नोएडा के सभी आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों पर लागू सामान्य दर में कटौती नहीं माना जाएगा।
किसानों के 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों के मामलों के निस्तारण की तैयारी
किसानों के 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए नोएडा महायोजना-2031 के जोनिंग रेगुलेशन में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहित जमीन के सापेक्ष पात्र किसानों को 5 प्रतिशत विकसित आवासीय भूमि देने का प्रावधान है। बोर्ड ने मौजूदा गांवों की आबादी से लगी जमीन पर ऐसे भूखंडों के नियोजन से संबंधित प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए महायोजना के जोनिंग रेगुलेशन 7.3.1 में संशोधन की प्रक्रिया को मंजूरी दी। इसके तहत फ्लोटिंग यूज में नई पंक्ति और संबंधित शर्त शामिल की जाएगी। आम जनता से आपत्तियां और सुझाव प्राप्त करने के बाद मामला शासन को भेजा जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार, महायोजना-2031 के तहत शहर का विकास काफी हद तक पूरा हो चुका है, जिससे कुछ मामलों में भूखंडों के नियोजन में कठिनाइयां आ रही हैं। इस संशोधन का उद्देश्य पात्र किसानों के मामलों के निस्तारण का रास्ता तैयार करना है। हालांकि, भूखंडों का आवंटन आगे की प्रक्रिया और शासन की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
नोएडा का सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान शासन को भेजा जाएगा
शहर में माल ढुलाई, परिवहन और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट को शासन की मंजूरी के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। योजना में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों, माल परिवहन, यातायात प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े बुनियादी ढांचे का अध्ययन किया गया है। इसका उद्देश्य माल के परिवहन और वितरण को अधिक प्रभावी बनाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना, यातायात जाम और परिवहन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को घटाना है। इसके तहत संबंधित विभागों, औद्योगिक इकाइयों और परिवहन संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है। शासन की मंजूरी के बाद योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया तय होगी।
मोबाइल टावर और राइट ऑफ वे की अनुमति प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
दूरसंचार नेटवर्क के विस्तार को सुविधाजनक बनाने के लिए मोबाइल टावर और राइट ऑफ वे से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया ऑनलाइन करने को मंजूरी दी गई। राइट ऑफ वे के तहत सड़क, जमीन या अन्य निर्धारित क्षेत्र में दूरसंचार नेटवर्क बिछाने के लिए अनुमति ली जाती है। बोर्ड ने केंद्र सरकार की 17 सितंबर 2024 की अधिसूचना के अनुरूप दूरसंचार नीति अपनाने का निर्णय लिया। नई व्यवस्था के तहत पहले लागू एक लाख रुपये या पहले से स्थापित टावर के लिए डेढ़ लाख रुपये आवेदन शुल्क तथा तीन लाख रुपये की बैंक गारंटी से संबंधित शर्तों को हटाने की मंजूरी दी गई है। हालांकि, जमीन के ऊपर दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए आवेदन की जांच का 10,000 रुपये शुल्क पहले की तरह रहेगा। ऑनलाइन व्यवस्था से कंपनियों को अनुमति संबंधी प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
HUF, सोसायटी और ट्रस्ट को व्यावसायिक संपत्तियों के दस्तावेजों में सुविधा
बोर्ड ने पात्र हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), सोसायटी और ट्रस्ट के पक्ष में व्यावसायिक संपत्तियों के उपपट्टा दस्तावेजों के निष्पादन और हस्तांतरण से जुड़ी व्यवस्था को मंजूरी दी। इसके तहत व्यावसायिक भूखंडों, उन पर निर्मित यूनिटों और अन्य निर्मित व्यावसायिक संपत्तियों के दस्तावेज निर्धारित नियमों के अधीन इन संस्थाओं के पक्ष में तथा पात्र मामलों में एक से अधिक नामों में उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इससे संपत्ति से जुड़े दस्तावेजी कार्यों को आसान बनाने में मदद मिलेगी। सुविधा का लाभ संबंधित पात्रता और प्राधिकरण के नियमों के अनुसार मिलेगा।
मॉडल भवन विनियम-2026 लागू करने के लिए समिति बनेगी
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी मॉडल भवन विनियम-2026 को नोएडा में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए बोर्ड ने मंजूरी दी। इसके तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की समिति गठित की जाएगी। समिति संबंधित नियमों को लागू करने और आवश्यक प्रक्रियाओं पर काम करेगी। भवन निर्माण से जुड़े नियम शहरी नियोजन, भूखंडों के उपयोग और निर्माण की स्वीकृति के लिए महत्वपूर्ण हैं। समिति के गठन के बाद इनके क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
करीब 15 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की योजना, 25 साल में पांच लाख टन उत्सर्जन घटने का अनुमान
पर्यावरण संरक्षण और बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बहुस्तरीय कार पार्किंग और गंगाजल भूमिगत जलाशयों पर RESCO मॉडल के तहत करीब 15 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने को मंजूरी दी गई। इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और जलाशयों पर लगभग 8 मेगावाट तथा बहुस्तरीय कार पार्किंग स्थलों पर करीब 7 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। संबंधित एजेंसी के साथ बिजली खरीद समझौते के आधार पर परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्राधिकरण के अनुमान के अनुसार, इस पहल से अगले 25 वर्षों में लगभग पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है। सौर ऊर्जा उत्पादन से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटाने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में लिए गए फैसलों का उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना, निवेश के अवसर बढ़ाना, संबंधित औद्योगिक इकाइयों और संपत्ति धारकों को प्रक्रियागत राहत देना तथा शहर की बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरणीय व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। कई प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई शासन की मंजूरी, नियोजन प्रक्रिया और संबंधित नियमों के अनुसार की जाएगी।