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‘योगी की पाती’ : सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी का भावुक संदेश

सड़क दुर्घटनाओं पर जताई चिंता, नियमों के पालन की प्रदेशवासियों से अपील...

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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‘योगी की पाती’ : सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी का भावुक संदेश

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक पत्र ‘योगी की पाती’ लिखते हुए सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों में हर वर्ष हजारों लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है, जिससे न केवल परिवार उजड़ते हैं बल्कि समाज को भी अपूरणीय क्षति होती है।

लापरवाही छीन लेती है परिवार की खुशियां

मुख्यमंत्री योगी ने पत्र में लिखा कि तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण हैं। एक छोटी-सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं भी सुरक्षित रहे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे।

31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि लोगों के सड़क व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को शून्य मृत्यु दर तक लाना है।

दुर्घटना-संवेदनशील जिलों और ब्लैक स्पॉट पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 20 सबसे अधिक दुर्घटना-संवेदनशील जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्यभर में 3,000 से अधिक दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

अभियान के चार मजबूत स्तंभ

सड़क सुरक्षा अभियान को चार प्रमुख स्तंभों-शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपातकालीन देखभाल-पर आधारित बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करेगी, लेकिन इसमें जनसहयोग सबसे आवश्यक है।

हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षक

मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट कोई दिखावे की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन रक्षक साधन हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग जानलेवा हो सकता है। तेज रफ्तार और नशा दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण हैं, जिनसे हर हाल में बचना चाहिए।

बच्चों को वाहन चलाने देना अपराध

मुख्यमंत्री ने माता-पिता से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि बच्चों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि पैदल यात्रियों का भी सड़क पर सुरक्षित चलने का पूरा अधिकार है।

सुरक्षित और सुगम सड़कों का संकल्प

‘योगी की पाती’ के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सड़कों को सुगम और सुरक्षित बनाने में सहयोग की अपील की। ट्रैफिक नियमों के पालन, संयमित व्यवहार और जिम्मेदारी से वाहन चलाने से ही सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित भविष्य की नींव हैं।

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