यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करने के इच्छुक उद्योगों और कंपनियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा 22 भूखंडों की नई योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया 12 जनवरी से शुरू होगी और 11 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
सेक्टर-28 में 350 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क
यीडा सिटी के सेक्टर-28 में लगभग 350 एकड़ क्षेत्रफल में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां मेडिकल उपकरणों के निर्माण से जुड़ी कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
अब तक 101 भूखंड हो चुके हैं आवंटित
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल डिवाइस पार्क में अब तक 101 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें से एक कंपनी ने उत्पादन कार्य शुरू भी कर दिया है, जबकि शेष कंपनियों को मौके पर कब्जा सौंपा जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि इस परियोजना में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
22 भूखंडों का विवरण
नई योजना के अंतर्गत कुल 22 भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें-
1000 वर्गमीटर के 11 भूखंड
2100 वर्गमीटर के 9 भूखंड
5940 वर्गमीटर के 2 भूखंड
प्राधिकरण का कहना है कि अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आकार के भूखंडों की पेशकश की गई है।
12 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
मेडिकल डिवाइस पार्क की इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 12 जनवरी से शुरू होंगे। इच्छुक कंपनियां निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकती हैं। आवेदन और आवंटन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी।
निर्यात को बढ़ावा देने की भी तैयारी
मेडिकल डिवाइस पार्क में बनने वाले उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। बेहतर लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और डिजिटल सुविधा के तहत एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल-मेडिकल डिवाइस (EPC-MD) के लिए मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल आईटी सेटअप भी विकसित किया जा रहा है।
औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
मेडिकल डिवाइस पार्क की यह योजना न केवल निवेशकों को आकर्षित करेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और मेडिकल उपकरणों के उत्पादन व निर्यात को भी नई गति देगी। YEIDA की यह पहल उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस सेक्टर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


