मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता, पर्यटन, गौ-आश्रय स्थलों, पशुपालन योजनाओं और जनगणना-2027 की तैयारियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि 7466 पदों (15 विषयों) पर सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) पुरुष/महिला शाखा भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन 17, 18, 24 और 25 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं को निष्पक्ष, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएं की जाएं। सभी अभ्यर्थियों की डबल लेयर फ्रिस्किंग (पुलिस एवं कार्यकारी संस्था द्वारा) अनिवार्य रूप से कराई जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सही अभ्यर्थी को ही प्रवेश मिले और प्रश्नपत्र सही समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे पूर्णतः क्रियाशील रहें और जनपद एवं आयोग स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से सतत निगरानी की जाए। परीक्षा अवधि में एसटीएफ और एलआईयू को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए सभी जनपदों में एडीएम स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित व पारदर्शी बन सके। बैठक में बताया गया कि इस भर्ती परीक्षा में कुल 12,36,239 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनमें से 6 विषयों की परीक्षा दिसंबर 2025 में पहले ही कराई जा चुकी है।

मुख्य सचिव ने होमस्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी-2025 के अंतर्गत लंबित प्रस्तावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी से 30 जनवरी तक विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित प्रस्तावों की जांच कर स्वीकृति दी जाए और प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। इसके साथ ही नीति को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले और प्रदेश में आवासीय सुविधाओं की उपलब्धता बढ़े।
गौ-आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शेष सभी गौशालाओं को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित किया जाए। साथ ही जिला स्तर पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर गौशालाओं से टैग करने और हरे चारे के उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में कुक्कुट विकास नीति-2022, बकरी पालन, सूकर पालन और भेड़ पालन योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के चयन के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके साथ ही नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध समितियों से जुड़े लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण तथा सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराने पर भी जोर दिया गया।
जनगणना-2027 को लेकर मुख्य सचिव ने बताया कि इसके प्रथम चरण हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना (HLO) का क्षेत्रीय कार्य मई-जून 2026 में कराया जाएगा। सभी जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के गठन के निर्देश दिए गए। यह समिति प्रशिक्षण, सूचीकरण, गणना और आंकड़ों के प्रकाशन सहित सभी कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण कराएगी।
मुख्य सचिव ने अंत में सभी विभागीय अधिकारियों से शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की नियमित मॉनीटरिंग करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश में विकास और जनकल्याण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।