गौतमबुद्धनगर। जिले में मतदाताओं की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत एक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं के आधार पर नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत वर्तमान में मौजूद 2,024 मतदेय स्थलों की संख्या घटाकर 1,925 करने का प्रस्ताव है। वहीं, मतदान केंद्रों की संख्या 743 से बढ़ाकर 763 करने की योजना है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें मतदेय स्थलों के पुनर्गठन, भौतिक सत्यापन और नए मतदान स्थलों की जरूरत पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदाताओं की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने के बाद ही अंतिम व्यवस्था निर्धारित की जाएगी।
प्रस्ताव के अनुसार, जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों की संख्या में बदलाव किया जाएगा।
मतदान केंद्रों को लेकर भी अलग-अलग प्रस्ताव रखे गए हैं। नोएडा में इनकी संख्या 233 से 232, दादरी में 303 से बढ़ाकर 327 और जेवर में 207 से घटाकर 204 करने का प्रस्ताव है।

पुनर्गठन की प्रक्रिया में बहुमंजिला इमारतों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और नई आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को मतदाता सूची का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करने के बाद ही मतदान स्थलों का निर्धारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जर्जर भवनों की जगह सुरक्षित और उपयुक्त स्थायी भवन चुनने पर जोर दिया गया है। दिव्यांग और अशक्त मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मतदान के दिन उन्हें परेशानी न हो।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों से 23 अक्टूबर तक अपने सुझाव एवं आपत्तियां लिखित रूप में जमा कराने की अपील की है। इसके लिए संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों या जिला निर्वाचन कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। निर्धारित समयसीमा में प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद 26 अक्टूबर को मतदेय स्थलों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को प्रस्ताव अनुमोदन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय भेजा जाएगा। बैठक में भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी करने और मतदाताओं को मतदान के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।