उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मंत्रिमंडल को सक्रिय रूप से मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले क्षेत्रों में जाकर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए, वहीं अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल न हों।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार जिलों की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्राप्त करें और विधानसभा वार गहन जांच कराएं। जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हुए हैं, उनके फॉर्म भरवाकर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही यदि कहीं अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में पाए जाते हैं, तो नियमानुसार आपत्ति दर्ज कर उनका नाम हटवाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर बूथ स्तर पर गंभीरता से निगरानी की जाए, क्योंकि इस स्तर पर की गई मेहनत आगे आने वाले चुनावों में बड़ी भूमिका निभाएगी।
एसआईआर के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) योजना के प्रचार-प्रसार की भी जिम्मेदारी दी है। पंचायत चुनाव प्रस्तावित होने के मद्देनजर सरकार इस योजना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सीधा संवाद स्थापित करना चाहती है। मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से योजना के लाभों को जनता तक पहुंचाएं और मनरेगा की कमियों के बारे में भी तथ्यात्मक जानकारी साझा करें।
वीबी जीरामजी योजना को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच भाजपा और योगी सरकार ने स्पष्ट रणनीति बनाई है। मंत्रियों को कहा गया है कि वे योजनाबद्ध तरीके से जनता को बताएं कि नई योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में किस तरह अधिक प्रभावी और टिकाऊ साबित होगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों से कहा है कि वे इस पूरे अभियान में पूरी संजीदगी और सक्रियता के साथ कार्य करें। मतदाता सूची से लेकर सरकारी योजनाओं तक, हर स्तर पर जनता से संवाद बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समय जमीनी स्तर पर काम करने का है, ताकि भविष्य में चुनावी प्रक्रिया और शासन दोनों ही अधिक सुचारु बन सकें।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे जनता को सिपाही भर्ती में आयु सीमा में दी गई छूट समेत सरकार के अन्य बड़े फैसलों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि लोगों को बताया जाए कि सरकार सभी सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कर रही है। बिना किसी भेदभाव के नौकरियां दी जा रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समान रूप से सभी वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है।
यह पूरा अभियान उत्तर प्रदेश में मतदाता जागरूकता, रोजगार योजनाओं के प्रचार और सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक व्यापक प्रयास माना जा रहा है।