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UP SIR Draft Voter List: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो घबराएं नहीं, 1 महीने का मिलेगा मौका

6 फरवरी 2026 तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति...

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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UP SIR Draft Voter List: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो घबराएं नहीं, 1 महीने का मिलेगा मौका

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के लिए विशेष गहन परीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। यदि UP SIR Draft Voter List 2026 में किसी मतदाता का नाम शामिल नहीं है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को 1 महीने का समय दिया है, जिसके दौरान वे दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। यह प्रक्रिया 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक चलेगी।

किन्हें भरना होगा फॉर्म-6

यदि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है या नया नाम जुड़वाना है, तो आपको फॉर्म-6 भरना होगा। इसके अलावा, जिन मतदाताओं का नाम गलती से कट गया है, वे भी इसी फॉर्म के माध्यम से पुनः नाम जुड़वा सकते हैं। फॉर्म-6 ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जमा किया जा सकता है। इसके साथ जन्म प्रमाण पत्र, पता प्रमाण और पहचान पत्र लगाना अनिवार्य होगा।

फॉर्म-6 में कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी

फॉर्म-6 में आवेदनकर्ता को अपना नाम राज्य की आधिकारिक भाषा और अंग्रेजी (बड़े अक्षरों में) भरना होगा। इसके साथ हाल की बिना हस्ताक्षर वाली पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी। रिश्तेदार के विवरण में पिता, माता, पति/पत्नी, अनाथ की स्थिति में कानूनी अभिभावक या थर्ड जेंडर आवेदक के लिए गुरु का नाम देना होगा।
संपर्क विवरण में मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी। आधार से जुड़ी जानकारी में आधार नंबर देना या आधार उपलब्ध न होने की घोषणा करनी होगी।
इसके अलावा जन्म तिथि, लिंग, वर्तमान पता, पते का प्रमाण और आयु प्रमाण से जुड़े दस्तावेज़ संलग्न करने होंगे।

साधु-संत और थर्ड जेंडर के लिए भी प्रावधान

आवेदनकर्ता पुरुष, महिला या तीसरा लिंग चुन सकता है। यदि कोई दिव्यांगता है, तो उसका विवरण वैकल्पिक रूप से दिया जा सकता है। एक ही पते पर पहले से पंजीकृत किसी परिवार के सदस्य का नाम और EPIC नंबर भी दर्ज किया जा सकता है।

फॉर्म-7 कब और क्यों भरें

यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची में शामिल है, किसी व्यक्ति का निधन हो चुका है, स्थानांतरण हो गया है, या नाम दो बार दर्ज है, तो इसके लिए फॉर्म-7 भरना होगा। इस फॉर्म में स्वयं के विवरण के साथ उस व्यक्ति की जानकारी देनी होती है, जिसके नाम पर आपत्ति की जा रही है, और नाम हटाने का स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य होता है।

फॉर्म-8 से कराएं संशोधन

मतदाता सूची में नाम, पता, जन्म तिथि, संबंधी का नाम, मोबाइल नंबर या फोटो में किसी भी प्रकार का सुधार कराने के लिए फॉर्म-8 भरा जाता है। यदि मतदाता का पता बदल गया है, तो नए पते का पूरा विवरण और पते का प्रमाण देना होगा। वोटर आईडी खो जाने, खराब हो जाने या नष्ट होने की स्थिति में डुप्लीकेट EPIC के लिए भी इसी फॉर्म का उपयोग किया जाता है।

वोटर आईडी गुम या खराब होने पर क्या करें

यदि वोटर आईडी कार्ड खो गया है, आग या बाढ़ जैसी आपदा में नष्ट हो गया है, या खराब हो गया है, तो फॉर्म-8 के माध्यम से डुप्लीकेट कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है। खोने की स्थिति में एफआईआर या पुलिस रिपोर्ट की प्रति लगानी होगी।

निर्वाचन आयोग की अपील

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जांच लें और आवश्यकता होने पर निर्धारित तिथि के भीतर संबंधित फॉर्म भरकर जमा करें। यह पूरी प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से की जा रही है।

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