लखनऊ में उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) ने राज्य के 8 जिलों में प्रस्तावित 14 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यूपी-रेरा द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के तहत लगभग ₹3348.22 करोड़ के निवेश से रियल एस्टेट विकास किया जाएगा। इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 3,852 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। इससे आम लोगों को आवास के नए विकल्प उपलब्ध होंगे और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन परियोजनाओं की मंजूरी से केवल रियल एस्टेट ही नहीं, बल्कि सीमेंट, स्टील, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और निर्माण से जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यूपी-रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने इन परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने की जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य पारदर्शी, संतुलित और उपभोक्ता हितैषी रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि सभी परियोजनाओं को नियमानुसार जांच के बाद ही स्वीकृति दी गई है, ताकि घर खरीदारों के हित सुरक्षित रह सकें।
यूपी-रेरा की इस मंजूरी को प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे न केवल निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि निवेशकों और घर खरीदारों का भरोसा भी और मजबूत होगा।