संगमनगरी प्रयागराज ने इस बार आर्थिक मोर्चे पर सबको चौंका दिया है। राज्य वाणिज्य कर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, महाकुंभ वर्ष की जनवरी की तुलना में इस बार माघ मेले की जनवरी में प्रयागराज जोन में अधिक जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया। जनवरी-2025 के मुकाबले जनवरी-2026 में प्रयागराज जोन में करीब 8.83 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।
जहां देशभर में जीएसटी कलेक्शन की औसत वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही, वहीं प्रयागराज जोन ने इससे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 8.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह आंकड़ा माघ मेले के दौरान बढ़ी व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
पिछले वर्ष प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था। उस दौरान जनवरी-2025 में जीएसटी कलेक्शन 262.72 करोड़ रुपये रहा था। इसके मुकाबले जनवरी – 2026 में माघ मेले के दौरान जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 285.91 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। धार्मिक आयोजन के बावजूद राजस्व में यह बढ़ोतरी प्रशासन और व्यापार जगत-दोनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
जानकारों के अनुसार, माघ मेले के दौरान स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ। इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट और बिलिंग के प्रति बढ़ती जागरूकता ने भी जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार डॉ. पवन जायसवाल के मुताबिक, हाल के दिनों में सोने-चांदी की खरीद-बिक्री में हुई बिलिंग ने भी राजस्व वृद्धि को सहारा दिया।
जीएसटी ग्रोथ के मामले में प्रयागराज जोन ने उत्तर प्रदेश के शीर्ष पांच जोन में अपनी जगह बनाई है। प्रदेश में सबसे अधिक 13.13 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) पहले स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर बरेली जोन रहा, जहां ग्रोथ 12.17 प्रतिशत दर्ज की गई। तीसरे स्थान पर इटावा जोन रहा, जिसकी ग्रोथ 9.98 प्रतिशत रही। वहीं सहारनपुर जोन 7.89 प्रतिशत ग्रोथ के साथ पांचवें स्थान पर रहा। ओवरऑल उत्तर प्रदेश की कुल जीएसटी ग्रोथ 1.11 प्रतिशत दर्ज की गई।
धार्मिक आयोजनों के बीच प्रयागराज का यह प्रदर्शन बताता है कि आस्था और अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ सकती हैं। माघ मेले के दौरान दर्ज हुई जीएसटी ग्रोथ न केवल संगमनगरी के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के व्यापारिक माहौल के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।