मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 को मंजूरी दे दी गई। इन फैसलों में स्टांप ड्यूटी में बड़ी राहत, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारी निवेश को प्रोत्साहन, जीसीसी नीति की नियमावली, फर्जी डिग्री मामले में विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला स्टांप ड्यूटी को लेकर किया गया। अब परिवार के सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक भूमि के दान पर भी अधिकतम 5,000 रुपये स्टांप शुल्क और 1 प्रतिशत निबंधन शुल्क ही लिया जाएगा। अब तक यह सुविधा केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। इस निर्णय से पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली होगी।

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया। जनवरी 2024 में लागू नीति के अंतर्गत 3,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इसमें ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति, जल मूल्य में छूट और बिजली दरों में रियायत शामिल है।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 की नियमावली को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि जीसीसी नीति से आईटी, आरएंडडी, फाइनेंस, इंजीनियरिंग और नॉलेज सर्विसेज के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। नियमावली में भूमि सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट, पूंजीगत व ब्याज सब्सिडी, ओपेक्स सहायता और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान है।
कैबिनेट ने फर्जी डिग्री और बैकडेट में बीपीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश देने के गंभीर आरोपों के चलते जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जांच में संगठित अपराध के रूप में फर्जी अंकतालिका और डिग्री जारी करने की पुष्टि हुई है। अब विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे।

कैबिनेट ने वाराणसी में 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए 11 जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की मंजूरी दी। यह अस्पताल 315.48 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी। इसके निर्माण से पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
योगी सरकार ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर भी बड़ी राहत दी है। अब तीन पीढ़ियों तक के पारिवारिक वंशजों के बीच पैतृक संपत्ति का बंटवारा सिर्फ 10,000 रुपये (5,000 स्टांप ड्यूटी + 5,000 निबंधन शुल्क) में कराया जा सकेगा। यह व्यवस्था कृषि, आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू होगी।

कैबिनेट के ये फैसले न केवल निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे, बल्कि आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाएंगे। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग लिविंग मजबूत होगी, पारिवारिक विवाद कम होंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।